लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कल्याण बनर्जी ने आज अपने भाषण में सरकार को ऐसी तरह से घेरा कि न केवल सदन में मौजूद लोग हंस पड़े, बल्कि विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों का ध्यान खींच लिया. महिला सुरक्षा के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए और आंकड़ों का सहारा लेकर सरकार की कथनी और करनी पर भी तंज कसे. उनका मजेदार अंदाज और शब्दों का खेल इतना रोचक था कि सत्ता पक्ष के सांसद भी ठहाके लगाने लगे. उनके हाव-भाव पर चेयर पर बैठे कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी भी मुस्कुराए बिना नहीं रह सके.
कल्याण बनर्जी ने रेलवे में महिला सुरक्षा को लेकर सरकार की आलोचना की. उन्होंने 2010-2011 में महिला आरपीएफ की 12 कंपनियों को महिला वाहिनी में बदलने के फैसले का जिक्र किया. इसके बाद 2025 में इन कंपनियों को घटाकर केवल 700 महिला आरपीएफ कर्मियों तक सीमित कर दिया गया था. इस पर उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि “हम महिला के लिए लड़ते हैं, लेकिन सरकार सिर्फ बातें करती है, कुछ नहीं करती.” उन्होंने रेलवे में महिला यात्रियों की सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकार ने केवल घोषणाएं की हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ नहीं किया.
कल्याण बनर्जी ने भाषण के दौरान रेखा जी का भी जिक्र किया, जो सुनने में काफी रोचक था. उन्होंने कहा, “महिला के लिए लड़ते हैं… इ महिला के लिए लड़ते हैं… कुछ नहीं करते हैं… सिर्फ बात ही करता है… काज करे ना… रेखा जी… रेखा जी… मोदी जी… रेखा जी…” उनका यह मजेदार और चतुर अंदाज सुनकर सदन में हंसी का माहौल बन गया.
इसके बाद, कल्याण बनर्जी की केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से भी तीखी नोकझोंक हुई. यह विवाद मनरेगा को लेकर था. कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि पिछले तीन सालों से पश्चिम बंगाल में मनरेगा का पैसा नहीं दिया गया. मंत्री गिरिराज सिंह के बयानों पर उनकी प्रतिक्रिया तीखी रही. उन्होंने कहा, “क्या यह मंत्री है? आपको मंत्री किसने बनाया?” इसके बाद उन्होंने सवाल उठाया कि अगर 10 करोड़ लोगों को लाभ नहीं मिल रहा है तो इसे क्यों रोका जा रहा है, जबकि राज्य में लाखों गरीब लोग इसका लाभ नहीं उठा पा रहे.
कल्याण बनर्जी ने गिरिराज सिंह पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जब प्रश्नकाल चल रहा हो तो एक मंत्री को टिप्पणी करने का अधिकार नहीं होना चाहिए. उन्होंने गिरिराज सिंह को जमकर आड़े हाथों लिया और कहा कि “क्या यह सही बात है कि एक केंद्रीय मंत्री ऐसे बर्ताव कर रहा है?” उन्होंने कहा कि मंत्री को इस तरह से बात करने का कोई अधिकार नहीं था, और इस पर वे बहुत नाराज थे.
कल्याण बनर्जी का यह भाषण लोकसभा में काफी हलचल का कारण बना. उनका अंदाज और उनकी तर्कशीलता ने सदन में मौजूद लोगों का ध्यान खींच लिया. उनका यह मजेदार भाषण वायरल हो गया और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया. विपक्षी दलों ने भी उनकी बातों का समर्थन किया, जबकि सत्ता पक्ष के सांसदों ने इसे मजेदार अंदाज में लिया. उनका यह भाषण राजनीति में एक नया मोड़ लेकर आया और सरकार की योजनाओं और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए.
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-भारत एक्सप्रेस
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