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25 मार्च को योगी सरकार के 8 ऐतिहासिक साल पूरे, उत्तर प्रदेश में दिखा अभूतपूर्व परिवर्तन का स्वर्णिम दौर

25 मार्च 2025 को योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल के आठ साल पूरे होंगे. उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने कई ऐतिहासिक बदलाव और विकास देखे हैं, जिससे राज्य की दिशा में नया बदलाव आया है.

Yogi-Adityanath

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए 25 मार्च 2025 एक ऐतिहासिक दिन होगा, क्योंकि इस दिन उनके कार्यकाल के 8 साल पूरे हो जाएंगे. 2017 में जब उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, तो किसी ने नहीं सोचा था कि वह इतने लंबे समय तक प्रदेश का नेतृत्व करेंगे. उनकी सरकार ने इस दौरान कई महत्वपूर्ण पहलें की हैं, जिन्होंने राज्य के विकास और कल्याण को नई दिशा दी है.

योगी आदित्यनाथ भारतीय जनता पार्टी से संबंधित एक भारतीय हिंदू साधु और राजनीतिज्ञ हैं, जो 19 मार्च 2017 से उत्तर प्रदेश के 21वें मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत हैं. वे उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री हैं, और लगातार दो कार्यकाल पाने वाले एकमात्र यूपी के मुख्यमंत्री हैं.

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

योगी आदित्यनाथ का जन्म अजय मोहन सिंह बिष्ट के रूप में 5 जून 1972 को उत्तर प्रदेश के पौड़ी गढ़वाल के पंचूर गाँव में एक गढ़वाली राजपूत परिवार में हुआ था. उनके दिवंगत पिता आनंद सिंह बिष्ट एक वन रेंजर थे. वे चार भाइयों और तीन बहनों में परिवार में दूसरे नंबर पर थे. उन्होंने उत्तराखंड के हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से गणित में स्नातक की डिग्री पूरी की.

उन्होंने 1990 के दशक के आसपास अयोध्या राम मंदिर आंदोलन में शामिल होने के लिए अपना घर छोड़ दिया. उस समय के आसपास, वे गोरखनाथ मठ के प्रमुख महंत अवैद्यनाथ के शिष्य भी बन गए. महंत अवैद्यनाथ उस समय अयोध्या राम मंदिर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे. दीक्षा के बाद गोरखपुर में रहने के दौरान, आदित्यनाथ अक्सर अपने पैतृक गांव जाते रहे हैं, और 1998 में वहां एक स्कूल की स्थापना की.

12 सितंबर 2014 को अवैद्यनाथ की मृत्यु के बाद आदित्यनाथ को गोरखनाथ मठ के महंत या उच्च पुजारी के पद पर पदोन्नत किया गया था. दो दिन बाद नाथ संप्रदाय के पारंपरिक अनुष्ठानों के बीच उन्हें मठ का पीठाधीश्वर बनाया गया.

प्रारंभिक राजनीतिक करियर

इससे पहले, आदित्यनाथ 1998 से 2017 तक लगभग दो दशकों तक भारत की संसद के सदस्य के रूप में कार्य कर चुके हैं. 26 वर्ष की आयु में, वे 1998 में सबसे कम उम्र के भारतीय सांसदों में से एक बन गए और गोरखपुर से अगले पाँच लगातार कार्यकाल जीते. वे केंद्र से यूपी राज्य की राजनीति में चले गए और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में चुने गए. शुरुआत में, 2017 में, वे यूपी विधान परिषद के सदस्य बने. इसके बाद 2022 में वे गोरखपुर शहरी से चुनाव जीतकर राज्य विधान सभा के सदस्य बन गए.

उन्होंने हिंदू युवा वाहिनी की स्थापना की, जो अब बंद हो चुका है हिंदू राष्ट्रवादी संगठन. उनकी छवि एक हिंदुत्व राष्ट्रवादी और एक सामाजिक रूढ़िवादी की है. आदित्यनाथ को द इंडियन एक्सप्रेस द्वारा आयोजित भारत के सबसे शक्तिशाली व्यक्तित्वों की सूची में 2023 में 5वें और 2024 में 6वें स्थान पर रखा गया था.

योगी सरकार की प्रमुख उपलब्धियां

योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं को अपनाया. सबसे पहले, उन्होंने उत्तर प्रदेश को एक मजबूत कानून-व्यवस्था व्यवस्था बनाने पर ध्यान केंद्रित किया. प्रदेश में माफिया राज, अपराधिक गतिविधियों और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए कठोर कदम उठाए गए. इससे अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हुई और लोगों में विश्वास पैदा हुआ. इसके परिणामस्वरूप राज्य में कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ, जो पहले चुनौतीपूर्ण था.

इसके साथ ही, योगी सरकार ने बुनियादी ढांचे में सुधार पर भी जोर दिया. एक्सप्रेसवे, राजमार्ग, और नई सड़क परियोजनाएं राज्य के विकास की पहचान बन चुकी हैं. खासतौर पर, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं ने राज्य के विकास को गति दी है. इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल प्रदेश में व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा मिला, बल्कि लाखों लोगों को रोजगार भी मिला.

आर्थिक विकास और निवेश

योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए कई पहल की. ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) योजना, जो छोटे और मझोले उद्योगों को बढ़ावा देने का उद्देश्य रखती है, को सफलतापूर्वक लागू किया गया. इस योजना से विभिन्न जिलों में उत्पादों की पहचान बनी और राज्य में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार हुआ. इसके साथ ही, प्रदेश में निवेश के लिए ‘UP Investors Summit’ जैसे आयोजन किए गए, जिन्होंने उद्योगपतियों का ध्यान आकर्षित किया.

प्रदेश की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिए योगी सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को विशेष सुविधाएं दीं. इसके अलावा, उत्तर प्रदेश को ‘स्टार्टअप राज्य’ बनाने के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़े.

सामाजिक सुरक्षा और कल्याण योजनाएं

योगी सरकार ने राज्य में समाज के हर वर्ग के लिए कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की. खासकर महिलाओं और बच्चों के लिए कई योजनाएं लागू की गईं, जैसे ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’, ‘उज्ज्वला योजना’, और ‘समाजवादी पेंशन योजना’. इन योजनाओं ने करोड़ों परिवारों की जीवनशैली में सुधार किया है.

इसके अलावा, योगी सरकार ने कोविड-19 महामारी के दौरान राज्य में आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने के लिए जोरदार कदम उठाए. अस्पतालों की क्षमता बढ़ाई, ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित किए, और कोविड टीकाकरण अभियान को तेज़ी से चलाया, जिसके परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश ने देश में सबसे अधिक टीकाकरण हासिल किया.

“उत्तर प्रदेश में हर गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 56 लाख से अधिक गरीबों को लाभ दिया गया है. 1 करोड़ 86 लाख रसोई गैस कनेक्शन दिए गए हैं.

2 करोड़ 65 लाख से अधिक परिवारों को पीने का पानी दिया जा रहा है. 150 लाख लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है.” योगी ने कहा. जीरो पॉवर्टी अभियान के बारे में बोलते हुए सीएम योगी ने कहा, “हमारी सरकार ने वनटांगनिया और मुसहर समुदायों को घर मुहैया कराए हैं. हमारा संकल्प जीरो पॉवर्टी अभियान के साथ देश को आगे बढ़ाने का है, जिसे हम पीएम मोदी के जीरो पॉवर्टी अभियान के तहत यूपी में आगे बढ़ा रहे हैं.”

महिलाओं और युवाओं का भविष्य होगा उज्ज्वल

सीएम योगी ने यह भी बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत राज्य सरकार ने अब तक 2 करोड़ 62 लाख किसानों को 75,000 करोड़ रुपये से अधिक का वितरण किया है. सिंचाई बिल माफ किए गए हैं और सोलर पंप उपलब्ध कराए गए हैं. सीएम योगी ने प्रत्येक नागरिक से विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राष्ट्र को सर्वोपरि रखने का आग्रह किया. “भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए नागरिक कर्तव्य का अत्यधिक महत्व है. विकसित भारत में हर किसान के खेत में फसल होगी, महिलाओं का भविष्य उज्ज्वल होगा और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे. विकसित भारत में सबसे महत्वपूर्ण चीज “राष्ट्र प्रथम” है.”

युवाओं के लिए अवसर

योगी आदित्यनाथ ने राज्य के युवाओं के लिए रोजगार और शिक्षा के क्षेत्र में कई सुधार किए. यूपी पुलिस भर्ती के जरिए 60,000 से अधिक युवाओं को रोजगार मिला. इसके अलावा, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत युवाओं को बिना ब्याज पर ऋण दिया गया, जिससे युवा अपने व्यापार शुरू करने में सक्षम हो सके.

योगी आदित्यनाथ का कार्यकाल उत्तर प्रदेश के लिए विकास और समृद्धि का प्रतीक बन चुका है. आठ वर्षों के कार्यकाल में उनके नेतृत्व में राज्य ने कई बदलाव देखे हैं. योगी सरकार ने समाज के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए कई योजनाएं बनाई हैं. आगामी समय में, उत्तर प्रदेश का विकास और भी तेज़ी से होगा, और योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे.


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-भारत एक्सप्रेस



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