कांग्रेस की मुश्किल बढ़ी
Vote Chori Back Fires on Rahul Gandhi: एक तरफ कांग्रेस ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए देश भर में ‘वोट अधिकार रैली’ (Vote Adhikar Yatra) निकाल रही है. दूसरी तरफ उनके ही वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया (Karnataka CM Siddaramaiah) ने एक ऐसा बयान दे दिया है, जिसने खुद कांग्रेस को कटघरे में खड़ा कर दिया है. उन्होंने एक बयान दिया जिसने राहुल गांधी और कांग्रेस (Congress) पर तंज कसने का भाजपा को एक सुनहरा मौका दे दिया है. क्योंकि तब मतदान बैलेट पेपर से हुआ था, जिसकी वकालत राहुल गांधी (Rahul Gandhi) आज करते हैं. इससे कहीं न कही राहुल गांधी को झटका लग रहा है.
सिद्धारमैया (Karnataka CM Siddaramaiah) ने कहा कि 1991 के लोकसभा चुनाव में फ्रॉड के चलते हार का सामना करना पड़ा था. अब उनके इस बयान पर विवाद हो रहा है क्योंकि उसे समय पॉलेटिकल सेनेरियों कुछ ऐसा था कि आज कांग्रेस पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं.
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (Karnataka CM Siddaramaiah) ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि उन्हें 1991 के लोकसभा चुनाव में ‘फ्रॉड’ के कारण हार का सामना करना पड़ा था. उस समय वह जनता दल सेक्युलर के उम्मीदवार थे और उन्हें हराने वाली पार्टी कोई और नहीं, बल्कि कांग्रेस ही थी.
भाजपा ने सिद्धारमैया के बयान को हाथोंहाथ (BJP Target Congress On Siddaramaiah Statement) लिया है और इसके बहाने कांग्रेस पर निशाना साधा है. भाजपा आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय ने कहा कि यह वीडियो प्रूफ है कि कैसे कांग्रेस वोट चोरी करती रही है. उन्होंने लिखा कि सिद्धारमैया तो तब बैलेट पेपर से हुई वोट चोरी में हार गए थे. इसी बैलेट पेपर की व्यवस्था को लाने की बात राहुल गांधी करते हैं.
ये भी पढ़ें: जॉइंट क्रेडिट पर टोक्यो में बोले पीएम मोदी, बताया- ‘जापान+भारत=क्या?’ का मतलब
कर्नाटक के नेता विपक्ष आर. अशोक ने भी इस बयान को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि इसी पार्टी ने सिद्धारमैया को 1991 में चुनाव हरवा दिया था. अब देखना यह है कि कांग्रेस इस मामले में क्या जवाब देती है. भाजपा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस वोट चोरी करती रही है और अब यही लोग वोट अधिकार रैली निकाल रहे हैं. यह कितनी बड़ी विडंबना है कि कांग्रेस अपने ही बयान से घिर गई है.
सिद्धारमैया ने 1991 के लोकसभा चुनाव में कोप्पल सीट से चुनाव लड़ा था. उन्हें बसवराज पाटिल के मुकाबले 11,200 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था, जो कांग्रेस के कैंडिडेट थे. सिद्धारमैया ने हाई कोर्ट में केस भी दाखिल किया था और आयोग की तरफ से 22,243 वोट खारिज करने पर सवाल उठाया था.
ये भी पढ़ें: पीएम मोदी के दौरे के बीच ट्रंप को झटका! चावल के दाने ने रोकी US-जापान के बीच 48 लाख करोड़ की डील
सिद्धारमैया का यह बयान कांग्रेस के लिए एक बड़ी राजनीतिक विडंबना बन गया है. जिस ‘वोट चोरी’ के खिलाफ राहुल गांधी पूरे देश में आंदोलन कर रहे हैं, उसी का आरोप उनके ही एक मुख्यमंत्री ने दशकों पहले अपनी पार्टी (कांग्रेस) पर लगा दिया था. यह खुलासा न केवल कांग्रेस के नैतिक आधार को कमजोर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि जब सत्ता में कांग्रेस थी, तब भी चुनाव में अनियमितताओं के आरोप लगते थे. यह घटना कांग्रेस और राहुल गांधी के लिए एक सबक है कि अतीत के बयान भविष्य में कब और कैसे उनके खिलाफ इस्तेमाल हो सकते हैं.
Weather Update Today: 1 अक्टूबर 2026 को देश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और…
Delhi News: दिल्ली सरकार ने सर्दियों में प्रदूषण रोकने के लिए सख्त कदम उठाया है.…
ATF Price Hike: 1 अक्टूबर 2026 से तेल कंपनियों ने जेट फ्यूल (ATF) और कमर्शियल…
Rohit Sharma Century Celebration: वेस्टइंडीज के खिलाफ 101 रन बनाने के बाद रोहित शर्मा के…
लगातार दो दिनों की गिरावट के बाद आज यानी 1 अक्टूबर को सोने और चांदी…
Smit Machchhar Prediction: 'आसमान में जब हालात बिगड़ते हैं तो क्रू ही आपकी जान बचाता…