LPG Cylinder Price: 1 जुलाई 2026 की सुबह देश के करोड़ों कारोबारियों, दुकानदारां और रेस्तरां मालिकों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खुशखबरी लेकर आई है. तेल कंपनियों ने महीने के पहले ही दिन 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में ₹183.50 की भारी-बरकम कटौती का ऐलान कर दिया है. इस बड़ी गिरावट के बाद दिल्ली में अब कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत ₹3,113.50 से घटकर सीधे ₹2,930 पर आ गई है.
हालांकि, घरों की रसोई संभालने वाले आम उपभोक्ताओं के लिए यह राहत सीमित रही है, क्योंकि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में तेल कंपनियों ने इस बार कोई बदलाव नहीं किया है और उसके रेट्स जस के तस बने हुए हैं.
महीने की शुरुआत में ही कमर्शियल सिलेंडर के दाम ₹183 सस्ता होना होटल, रेस्तरां, ढाबा मालिकों और छोटे कैटरिंग कारोबारियों के लिए एक बहुत बड़ी राहत है, जिससे उनके ऑपरेशनल कॉस्ट में सीधे कमी आएगी. उम्मीद की जा रही है कि इस कटौती का फायदा आम जनता को भी बाहर खाना खाने पर मिल सकता है.
लेकिन, दूसरी तरफ 14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलेंडर के ग्राहकों के लिए यह खबर थोड़ी निराशाजनक रही, क्योंकि तेल कंपनियों ने इस बार घरेलू सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है और उसके दाम स्थिर रखे हैं. इसका मतलब है कि घर की रसोई पर महंगाई का बोझ कम नहीं हुआ है, जो करोड़ों महिलाओं के लिए महीने का बजट संतुलित करने में कोई खास मदद नहीं करेगा.
साल 2026 में कमर्शियल गैस सिलेंडर के उपभोक्ताओं के लिए यह पहली राहत भरी खबर है, क्योंकि इससे पहले पूरा साल लगातार बढ़ती महंगाई के नाम रहा था. इस साल की शुरुआत यानी जनवरी 2026 में दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर का रेट महज ₹1,691.50 था, जो जून महीने तक आते-आते लगातार हुई बढ़ोतरी के कारण लगभग दोगुना हो चुका था. मार्च 2026 में ही दो बार कीमतें बढ़ाई गईं, जिसमें 1 मार्च को ₹28 और फिर 7 मार्च को ₹114.50 का तगड़ा झटका लगा.
इसके बाद वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच छिड़ी खींचतान का असर यह हुआ कि मई महीने में कमर्शियल सिलेंडर के दाम में ₹993 की ऐतिहासिक और भारी-भरकम बढ़ोतरी कर दी गई, जिससे दिल्ली में कीमत सीधे ₹3,071.50 पर पहुंच गई थी. 1 जून को भी इसमें ₹42 का इजाफा हुआ था. ऐसे में जुलाई की पहली तारीख को हुई यह ₹183.50 की कटौती बाजार को थोड़ी सांस लेने की मोहलत जरूर देगी.
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एक तरफ जहां गैस सिलेंडर के दाम टूटे हैं, वहीं वैश्विक बाजार में कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) भी $70 प्रति बैरल के नीचे फिसल गया है. इसके बावजूद आम उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल और डीजल के दाम कम नहीं हो रहे हैं, जिसके पीछे सरकार का एक बड़ा गणित काम कर रहा है.
दरअसल, केंद्र सरकार ने 1 जुलाई से पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाले विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) यानी विंडफॉल टैक्स को सीधे ₹1.5 प्रति लीटर से बढ़ाकर ₹4 प्रति लीटर कर दिया है. सरकार का यह कदम साफ तौर पर उन घरेलू तेल कंपनियों को हतोत्साहित करने के लिए उठाया गया है, जो कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आई गिरावट का फायदा उठाकर घरेलू बाजार में सप्लाई करने के बजाय विदेशी बाजारों में पेट्रोल का भारी निर्यात कर मुनाफा कमाने में लगी थीं.
इस टैक्स बढ़ोतरी के जरिए सरकार का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि तेल कंपनियां पहले देश के भीतर ईंधन की पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखें, भले ही इसके कारण आम आदमी की जेब पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में सीधी कटौती का असर दिखने में थोड़ा और वक्त लग जाए.
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-भारत एक्सप्रेस
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