बिहार के युवाओं के बीच लोकप्रिय चेहरा बन चुके मनीष कश्यप अब डिजिटल प्लेटफॉर्म से निकलकर राजनीति की मुख्यधारा में कदम रख चुके हैं. कभी भ्रष्टाचार और सिस्टम की नाकामी पर तीखे वीडियो बनाने वाले इस यूट्यूबर ने अब सत्ता के गलियारों में बदलाव की कोशिश शुरू की है. भारत एक्सप्रेस को दिए एक बेबाक इंटरव्यू में मनीष ने अपने सफर, संघर्ष, विचारधारा और आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर खुलकर बात की.
पश्चिमी चंपारण के चनपटिया से आने वाले मनीष कश्यप ने यूट्यूब के माध्यम से भ्रष्टाचार, प्रशासनिक विफलताओं और विकास की दुर्दशा जैसे विषयों को जोर-शोर से उठाया. उन्होंने बताया कि वे पढ़ाई से इंजीनियर हैं और तकनीकी पृष्ठभूमि ने उन्हें टूटी सड़कों, पुलों और कुप्रबंधन की पहचान करने में मदद की. उनकी विशुद्ध बिहारी अंदाज में की गई रिपोर्टिंग ने उन्हें युवा वर्ग में लोकप्रिय बना दिया.
मनीष पर लंबे समय से आरोप लगते रहे हैं कि वे संवाद के नाम पर आक्रामक भाषा और असंयमित शब्दों का प्रयोग करते हैं. लेकिन वे इन आरोपों को लेकर न तो सफाई देते हैं और न ही माफी मांगते हैं. उल्टे वे इसे ही अपनी पहचान मानते हैं.
“बहुत लोगों ने कहा कि आप जो शब्दों का चयन करते हैं, वो पत्रकारिता में नहीं चलता. लेकिन जब मैं जेल गया, तब सभी न्यूज चैनलों ने यही कहा – यूट्यूबर मनीष कश्यप गिरफ्तार. तब मुझे रियलाइज हुआ कि मैं पत्रकार बन ही नहीं सकता. न मेरी भाषा पत्रकारों जैसी है, न मेरा तरीका.”
पूरा इंटरव्यू यहां देखें…
ये भी पढ़ें- कभी कांग्रेस की सरकार आई तो पत्थरबाज पनपेंगे..लेकिन भारत को सीरिया नहीं बनने देंगे हम: मनीष कश्यप
मनीष कश्यप ने साफ कर दिया है कि वे आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 लड़ने जा रहे हैं. उन्होंने कहा, “हां, हां, ये तय है कि मैं विधानसभा चुनाव लड़ रहा हूं.” जब उनसे पूछा गया कि क्या पार्टी की ओर से उन्हें टिकट मिलने की पुष्टि हो चुकी है या कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं, तो मनीष ने मुस्कुराते हुए कहा, “कुछ चीजें कैमरे के सामने नहीं कही जातीं. जो बताने लायक होती हैं, वो बता दी जाती हैं. बाकी चीजें ऊपर वाले पर छोड़ दी जाती हैं.”
“मैं राजनीति से दूर रहा हूं, लेकिन राजनीतिक घटनाओं से जुड़ा रहा हूं. मैं मानता हूं कि अगर मैं उस लायक रहा, तो मुझे कोई भूल नहीं पाएगा. मैं अपना काम करता रहूंगा, बाकी भगवान की मर्जी है.”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह किसी दबाव या डर से कुछ नहीं करते, बल्कि जनता के बीच रहकर अपने काम और सच्चाई के बल पर आगे बढ़ते हैं.
मनीष कश्यप ने माना कि सिर्फ लोकप्रिय चेहरा होना ही काफी नहीं होता. उन्होंने कहा कि राजनीति में टिकट मिलना कई बार आसान नहीं होता, क्योंकि “स्थानीय स्तर पर मारामारी और दावेदारों की जद्दोजहद भी होती है.” लेकिन उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि यदि वे जनता के बीच अपनी साख बनाए रखेंगे, तो उनका राजनीतिक रास्ता खुद-ब-खुद साफ होता चला जाएगा.
ये भी पढ़ें- ‘स्टालिन की खुशामद में हिंदी हुई डिलीट, दोस्ती पर पिन’: PK की पॉलिटिकल प्रायॉरिटीज पर मनीष कश्यप का तंज
-भारत एक्सप्रेस
देश भर में जारी भारी और असामान्य मानसूनी बारिश के बीच गंगा एक्सप्रेसवे पूरी तरह…
India First LNG Train: हाइड्रोजन के बाद अब भारतीय रेलवे देश की पहली LNG-डीजल ट्रेन…
Russia Germany Clash: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में रूस और जर्मनी आमने-सामने आ गए हैं.…
Cyclone Arnab Kya Hai: बंगाल की खाड़ी से उठे मौसमी सिस्टम ‘अर्नब’ के असर से…
UPSC Recruitment 2026: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने केंद्र सरकार और दिल्ली प्रशासन में…
India UNSC Permanent Seat: रूस लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के विस्तार और…