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एक राज्य में 365 दिन, कहीं सिर्फ 90! मां बनने पर किसे मिलती है सबसे ज्यादा छुट्टी?

Maternity Leave: मां बनना किसी भी महिला की जिंदगी का बेहद खास दौर होता है. इस दौरान नौकरी के साथ बच्चे और अपनी सेहत का ध्यान रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है. ऐसे में मैटरनिटी लीव महिलाओं के लिए बेहद जरूरी सुविधा है. भारत में मैटरनिटी लीव की अवधि सभी राज्यों में एक जैसी नहीं है. खासतौर पर सरकारी महिला कर्मचारियों के लिए अलग-अलग राज्यों में अलग नियम और सुविधाएं लागू हैं. कहीं 180 दिन की छुट्टी मिलती है, तो कुछ राज्यों में इससे ज्यादा अवधि का प्रावधान है.

तमिलनाडु में सबसे ज्यादा 365 दिन

तमिलनाडु इस मामले में सबसे आगे है. राज्य सरकार महिला सरकारी कर्मचारियों को 365 दिन यानी पूरे एक साल की मैटरनिटी लीव देती है. अगस्त 2026 में राज्य सरकार ने तीसरे बच्चे के लिए भी 365 दिन की मातृत्व छुट्टी देने की घोषणा की है. इससे पहले तीसरे बच्चे के लिए छुट्टी की अवधि कम थी.

ज्यादातर राज्यों में 180 दिन

कई राज्यों में महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए 180 दिन यानी करीब छह महीने की मैटरनिटी लीव का प्रावधान है. इनमें आंध्र प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और झारखंड जैसे राज्य शामिल हैं. हालांकि इन राज्यों में छुट्टी की पात्रता और शर्तें संबंधित सेवा नियमों के मुताबिक अलग हो सकती हैं.

कुछ राज्यों में पहले 90 दिन का था प्रावधान

देश में मैटरनिटी लीव के नियम समय के साथ लगातार बदले हैं. उदाहरण के लिए सिक्किम में सरकारी महिला कर्मचारियों के लिए मैटरनिटी लीव पहले 90 दिन थी, जिसे बढ़ाकर 180 दिन किया गया. इसी तरह नागालैंड ने भी 2026 में महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए मातृत्व अवकाश को 90 दिन से बढ़ाकर 180 दिन कर दिया. इससे साफ है कि राज्यों में मातृत्व अवकाश को लेकर नीतियां लगातार बदल रही हैं और कई सरकारें महिलाओं को ज्यादा समय देने की दिशा में कदम उठा रही हैं.

यह भी पढ़ें: सीबीआई जांच से क्यों भाग रही सरकार? JSSC-JPSC फैसले पर बाबूलाल मरांडी का तीखा हमला

केंद्र सरकार में कितनी छुट्टी?

केंद्रीय सरकारी महिला कर्मचारियों के लिए सामान्य तौर पर 180 दिन का मातृत्व अवकाश उपलब्ध है, हालांकि पात्रता और परिस्थितियों के आधार पर अलग प्रावधान लागू हो सकते हैं. वहीं निजी क्षेत्र में मातृत्व अवकाश मुख्य रूप से लागू श्रम कानून और कर्मचारी की पात्रता पर निर्भर करता है.

क्यों जरूरी है मैटरनिटी लीव?

मैटरनिटी लीव सिर्फ छुट्टी नहीं, बल्कि मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य और देखभाल से जुड़ी सुविधा है. प्रसव के बाद महिला को शारीरिक रिकवरी के साथ नवजात की देखभाल के लिए भी समय चाहिए होता है. पर्याप्त मातृत्व अवकाश महिलाओं को नौकरी और परिवार के बीच बेहतर संतुलन बनाने में मदद कर सकता है.

भारत एक्सप्रेस

Swati Pandey

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