सरकार की महत्वाकांक्षी योजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी नीतियां ग्रामीण भारत की तस्वीर और तकदीर बदलने में ऐतिहासिक भूमिका निभा रही हैं. ग्रामीण आजीविका को सुरक्षित और स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से शुरू किए गए ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी ‘वीबी-जी राम जी’ (VB-G Ram Ji) ने अपने कार्यान्वयन के सभी प्रमुख पैमानों पर शानदार और असरदार प्रगति दर्ज की है.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 में इस मिशन के अंतर्गत सक्रिय श्रमिकों की संख्या 10.88 करोड़ के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई है. इसके साथ ही गांवों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने वाली 2.83 लाख स्थायी सामुदायिक और व्यक्तिगत संपत्तियों का सृजन भी पूरा किया जा चुका है.
मोदी सरकार की नीतियों के केंद्र में हमेशा से महिला सशक्तिकरण रहा है, और ‘वीबी-जी राम जी’ योजना इसका सबसे प्रत्यक्ष प्रमाण बनकर सामने आई है:
पूर्ववर्ती व्यवस्थाओं की खामियों को दूर करते हुए मोदी सरकार ने वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 के तहत एक क्रांतिकारी कदम उठाया. इस कानून के अंतर्गत प्रत्येक वित्तीय वर्ष में ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को अकुशल शारीरिक श्रम के लिए 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान की गई है.
इस योजना में दैनिक मजदूरी की दरों को भी व्यावहारिक बनाते हुए ₹300 से ₹450 प्रति दिन तक निर्धारित किया गया है. अब तक देश भर में 15.17 करोड़ ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी किए जा चुके हैं. आधिकारिक बयान के अनुसार, मनरेगा से ‘वीबी-जी राम जी’ ढांचे में परिवर्तन बेहद सहज और तकनीकी रूप से त्रुटिरहित रहा है.
भ्रष्टाचार और बिचौलियों पर कड़ा प्रहार करते हुए पूरी व्यवस्था को डिजिटल तकनीक और जन-भागीदारी पर आधारित किया गया है:
स्थानीय नियोजन (VGPP): ग्राम पंचायत सहभागी योजना (VGPP) के माध्यम से पंचायतें स्वयं स्थानीय प्राथमिकताओं को तय करती हैं और विकास कार्यों की रूपरेखा बनाती हैं.
पारदर्शिता का तंत्र: देश भर की करीब 2.31 लाख ग्राम पंचायतों में योजना के कार्य सुचारु रूप से चल रहे हैं.
सीधे बैंक खाते में मजदूरी: वर्ष 2026-27 में अब तक 3.76 करोड़ प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) लेनदेन दर्ज किए गए हैं, जिससे मजदूरी का एक-एक रुपया बिना किसी रुकावट के सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में पहुंच रहा है.
भविष्य की तैयारी: भविष्य में रोजगार की किसी भी मांग को पूरा करने के लिए पहले से ही 73.24 लाख स्वीकृत परियोजनाएं तैयार हैं और वर्तमान में 20.16 लाख सक्रिय कार्यस्थल धरातल पर काम कर रहे हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह महत्वाकांक्षी पहल केवल दैनिक रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जल संरक्षण, ग्रामीण संपर्क मार्ग और बुनियादी ढांचे जैसी सतत संपत्तियों का निर्माण कर एक आत्मनिर्भर और लचीले ग्रामीण भारत की मजबूत नींव रख रही है.
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