प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के गुवाहाटी में विभिन्न विकास कार्यों की आधारशिला रखी और उद्घाटन किया. इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि थोड़ी देर पहले यहां से 19,500 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है. असम को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने वाली परियोजनाओं से लेकर असम आने वाले लोगों की सुविधा के लिए जो काम हुए हैं, ढेर सारे प्रोजेक्ट असम को मिले हैं.
उन्होंने कहा कि आज देश के किसानों और असम के चाय बागानों में काम करने वाले साथियों के लिए भी बड़ा दिन है. कुछ क्षण पहले पूरे देश में पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि हमारे करोड़ों अन्नदाताओं के खातों में भेजी गई है. इसके अलावा असम के चाय बागानों से जुड़े अनेक परिवारों को आज भूमि के पट्टे भी दिए गए हैं. मैं असम के लोगों को, यहां के सभी परिजनों को और देशभर के सभी किसानों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं.
उन्होंने कहा कि ये वही किसान भाई-बहन हैं, जिनमें से अधिकांश के पास 2014 से पहले न मोबाइल फोन था और न ही बैंक में उनका कोई खाता था. आज ऐसे करोड़ों किसानों के खातों में अब तक सवा चार लाख करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे जमा हो चुके हैं. जब प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू हुई, तो कांग्रेस पार्टी ने अफवाहें फैलाईं कि भले ही प्रधानमंत्री मोदी इस योजना के तहत वित्तीय सहायता दे रहे हैं, लेकिन लाभार्थियों को चुनाव के बाद पैसा वापस करना होगा. वे गलत सूचना फैलाने में माहिर हो चुके हैं. हालांकि, यह योजना देश के सीमांत किसानों के लिए सामाजिक सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण स्रोत बनकर उभरी है.
उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के लिए किसानों का कल्याण सर्वोपरि है. इसके विपरीत, किसानों को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता प्रदान करने के मामले में कांग्रेस लगातार प्रभावी ढंग से कार्य करने में विफल रही है. मुझे याद है, जब पीएम किसान सम्मान निधि योजना शुरू हुई तो अफवाहें फैलाने में, झूठ बोलने में माहिर कांग्रेस वाले कहते थे कि इस योजना का पैसा आज भले ही मोदी देता है, लेकिन चुनाव के बाद वापस करना पड़ेगा. लेकिन, आज सम्मान निधि की यह योजना देश के छोटे किसानों के लिए सामाजिक सुरक्षा का एक मजबूत माध्यम बन चुकी है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा-एनडीए सरकार के लिए किसान हित से बड़ा कुछ भी नहीं है. जब किसानों को पैसे देने की बात आती थी, तो कांग्रेस वालों की सांस अटक जाती थी. 2014 से पहले केंद्र में 10 साल तक कांग्रेस की सरकार थी. कांग्रेस सरकार के 10 साल में किसानों को एमएसपी के रूप में साढ़े छह लाख करोड़ रुपए मिले थे, जबकि हमारी सरकार के 10 साल में किसानों को एमएसपी के रूप में 20 लाख करोड़ रुपए से अधिक मिल चुके हैं.
उन्होंने कहा कि एमएसपी हो, सस्ता ऋण हो, फसल बीमा हो, पीएम किसान सम्मान निधि हो, ये योजनाएं किसानों का बहुत बड़ा संबल बनी हैं. इतना ही नहीं, हमने इस बात का ध्यान रखा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संकट का असर खेती-किसानी पर ना पड़े.
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-भारत एक्सप्रेस
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