Nashik TCS controversy: भारत के सबसे प्रतिष्ठित कॉर्पोरेट संस्थानों में से एक, ‘टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज’ (TCS) का नासिक बीपीओ यूनिट इन दिनों ‘सस्पेंस थ्रिलर’ का केंद्र बन गया है. मामला सिर्फ महिला कर्मचारियों के मानसिक और यौन उत्पीड़न तक सीमित नहीं है, बल्कि अब इसमें ‘जबरन धर्म परिवर्तन’, विदेशी फंडिंग और ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ जैसे बेहद गंभीर आरोप जुड़ गए हैं. इस केस का सबसे नया और चौंकाने वाला ट्विस्ट यह है कि मामले की कथित मास्टरमाइंड निदा खान अचानक लापता हो गई है. पुलिस की क्राइम यूनिट-1 ने निदा के पति मोइन नावेद खान को मुंबई के मुंब्रा इलाके से हिरासत में ले लिया है. आखिर बंद कमरों में नौकरी के बहाने कौन सा ‘डर्टी गेम’ चल रहा था?
नासिक के अशोक मार्ग की रहने वाली 26 वर्षीय निदा खान शादी के बाद अपने पति मोइन के साथ मुंब्रा शिफ्ट हो गई थी. मोइन वहां एडब्ल्यूएस (AWS) से जुड़ी एक फैसिलिटी में काम करता है. टीसीएस की अंदरूनी जांच के बाद जब निदा को नौकरी से निकाला गया, तो उसके तुरंत बाद उसके लापता होने की खबरें सामने आ गईं. निदा की मौसी नूरी शेख का दावा है कि वह उसे वापस नासिक ले गई हैं, लेकिन पुलिस को इस थ्योरी पर शक है.
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69, 75 और 299 के तहत (धोखा, यौन शोषण और गंभीर साजिश) केस दर्ज किया है. एसआईटी (SIT) अब मोइन खान से कड़ी पूछताछ कर रही है कि निदा कहां है और क्या इसके पीछे कोई बड़ा ‘इंटरनेशनल सिंडिकेट’ या कॉर्पोरेट स्कैम काम कर रहा है. मामले में अब तक 7-8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
नासिक TCS केस का खुलासा किसी फिल्म की कहानी जैसा है. फरवरी 2026 में जब पुलिस को यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण की गुप्त शिकायतें मिलीं, तो उन्होंने 6 महिला पुलिस अधिकारियों को हाउसकीपिंग (सफाईकर्मी) और अन्य स्टाफ बनाकर कंपनी में काम पर लगा दिया. 40 दिनों तक अंडरकवर रहकर इन पुलिस अधिकारियों ने पुख्ता सबूत जुटाए. 26 मार्च को पहली आधिकारिक एफआईआर दर्ज हुई, जिसके बाद एक-एक करके 9 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं. ऑपरेशंस मैनेजर अश्विनी चैनानी को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है.
इस पूरे बवाल पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बेहद सख्त रवैया अपनाया है. उन्होंने एक उच्चस्तरीय रिव्यू बैठक बुलाई है. फडणवीस ने कहा, “नासिक TCS की घटना बहुत गंभीर है. हम मामले की जांच कर रहे हैं. अगर यह ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ के रूप में सामने आता है, तो हम इसकी जड़ का पता लगाएंगे और दोषियों को नहीं छोड़ेंगे.”
ये भी पढ़ें: इंटरव्यू से खुली पोल: हर 8.5 मिनट में 1 झूठ बोलते हैं डोनाल्ड ट्रंप, क्या है 7 दावे?
मामले की गंभीरता को देखते हुए टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने इसे ‘बेहद चिंताजनक’ बताया है और टीसीएस की सीओओ आरती सुब्रमण्यम के नेतृत्व में कड़े एक्शन के निर्देश दिए हैं. डेलॉइट जैसी बाहरी एजेंसियों को भी जांच में लगाया गया है और बीपीओ यूनिट के कर्मचारियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ दे दिया गया है.
हालांकि, इस मामले में एक दूसरा पहलू भी सामने आ रहा है. निदा खान के वकील बाबा सैयद का दावा है कि एफआईआर में ‘जबरन धर्मांतरण’ का कोई जिक्र नहीं है. उनका कहना है कि निदा को जानबूझकर ‘मास्टरमाइंड’ और ‘एचआर हेड’ बताया जा रहा है, जबकि वह सिर्फ एक ‘प्रोसेस एसोसिएट’ थी. पत्रकार नरेंद्र नाथ मिश्रा ने भी दावा किया है कि यह एक ‘एजेंडा’ हो सकता है और टाटा ग्रुप इसे कानूनी तौर पर काउंटर करेगा.
Ramayana Box Office: अमेरिकी बॉक्स ऑफिस पर 'रामायण' को 'गॉडजिला माइनस जीरो' से कड़ी टक्कर…
Pakistan Diwali News: पाकिस्तान में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने हिंदू समुदाय को दिवाली की बधाई…
Jensen Huang China Spy: जेन्सन हुआंग के संपर्क में एलिस हुआंग नाम की एक महिला…
Japan Earthquake 2026: जापान में 5.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से धरती कांप उठी, जिसमें…
Gold-Silver Price Today: वैश्विक बाजार में सोना 24% सस्ता हुआ है, जबकि भारत में यह…
Middle East News: रियाद एयरपोर्ट पर हमले के बाद सऊदी अरब ने यमन में भीषण…