राउज एवेन्यू कोर्ट.
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 1984 के पुल बंगश सिख हत्या मामले में आरोप तय करने पर दलीलें सुनने के बाद मामले में स्पष्टीकरण के लिए सुनवाई 30 मई तय की है. मामले में कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर आरोपी है. केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पिछले साल मामले में पूरक आरोप-पत्र दायर किया था.
अदालत ने कहा कुछ स्पष्टीकरण की जरूरत
कोर्ट के विशेष सीबीआई न्यायाधीश राकेश सयाल के समक्ष मामले में जगदीश टाइटलर ने अपना पक्ष रखा. इसके बाद अदालत ने कहा कुछ स्पष्टीकरण की जरूरत है और सुनवाई 30 मई तय कर दी. टाइटलर की ओर से पेश वकील मनु शर्मा ने सीबीआई की दलीलों के खंडन में अपनी दलीलें पूरी कीं. उन्होंने दलील दी कि सीबीआई ने दो क्लोजर रिपोर्ट दायर की थीं.
गवाह पर कैसे किया जा सकता है भरोसा
सीबीआई ने 2009 में सह-अभियुक्त सुरेश कुमार पैनेवाला के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया था, जिन्हें ट्रायल कोर्ट ने बरी कर दिया था. उन्होंने तर्क दिया कि 1984 के बाद से 2022-23 तक मामले में कोई गवाह नहीं था. गवाह लंबी अवधि के बाद आ रहे हैं, इसलिए उन पर कैसे भरोसा किया जा सकता है.
सीबीआई ने 16 अप्रैल को आरोप तय करने पर अपनी दलीलें पूरी कीं थी. जांच एजेंसी ने कहा कि ऐसे प्रत्यक्षदर्शी हैं, जिन्होंने 1984 के दंगों के दौरान जगदीश टाइटलर को भीड़ को उकसाते हुए देखा था और उनके खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सामग्री है. उन्होंने चार गवाहों के बयानों का हवाला देते हुए कहा था कि गवाहों ने आरोपियों को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद कथित तौर पर भीड़ को उकसाते हुए देखा था.
यह है मामला
यह मामला 1 नवंबर 1984 को पुल बंगश गुरुद्वारा के सामने तीन सिखों ठाकुर सिंह, बादल सिंह और गुरचरण सिंह की कथित हत्या से संबंधित है. इस मामले में कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर आरोपी हैं. 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद भड़के 1984 के सिख विरोधी दंगों से संबंधित मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने 20 मई को कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया.
-भारत एक्सप्रेस
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