Bhangar Bomb Blast Case: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) की करारी और ऐतिहासिक हार के बाद सूबे से गुंडाराज और बम-बारूद के सिंडिकेट का सफाया शुरू हो चुका है. हाल ही में टीएमसी नेताओं के बेड के नीचे छिपने और रंगदारी में जेल जाने के बाद, अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सूबे के सबसे चर्चित ‘भांगर बम धमाका’ मामले में बहुत बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है.
बता दें कि NIA ने गृह मंत्रालय के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए चुनाव से पहले राज्य को दहलाने(Bhangar Bomb Blast Case) की साजिश रचने वाले और फरार चल रहे टीएमसी के पूर्व बाहुबली विधायक शौकत मोल्ला (Saokat Molla) के आवास, होटल और करीब 8 संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ भारी रेड की है.
NIA के आधिकारिक खुलासे ने पूरे देश को चौंका दिया है. जांच एजेंसी का दावा है कि हालिया विधानसभा चुनावों से ठीक पहले दक्षिण बामुनिया गांव में टीएमसी नेताओं के संरक्षण में भारी मात्रा में देसी बम तैयार किए जा रहे थे, इसी दौरान 19 मार्च को अचानक जोरदार विस्फोट हुआ जिसमें एक आरोपी मारा गया और तीन घायल हुए थे.
एनआईए की जांच में सामने आया कि धमाके के तुरंत बाद आरोपी साइनूर मोल्ला (Sainur Molla) ने अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी का इस्तेमाल कर मृतक और घायलों को सबूत मिटाने के लिए स्थानीय अस्पताल और फिर अन्य गुप्त ठिकानों पर पहुंचाया था, जहां से उन्हें एक एम्बुलेंस के हवाले किया गया.
एनआईए की टीम ने भारी केंद्रीय सुरक्षा बलों (CAPF) के साथ कल सुबह दक्षिण 24 परगना के जिबनताला और मौखली इलाके को चारों तरफ से घेर लिया. एजेंसी ने केस की कड़ियां जोड़ते हुए तीसरे मुख्य आरोपी साइनूर मोल्ला को धर दबोचा है (एम्बुलेंस चालक पहले से जेल में है). हालांकि, मुख्य साजिशकर्ता और पूर्व टीएमसी विधायक शौकत मोल्ला पुलिस के डर से फरार हो गया.
एनआईए ने उसके आलीशान घर, बेटे इमरान के 70 बीघा जमीन पर अवैध रूप से बने कैफ़े और नदी किनारे बन रही बहुमंजिला इमारतों को खंगाला, जहां से भारी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए हैं.
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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता हाथ से जाते ही अब ममता बनर्जी का वह ‘प्रोटेक्शन कवच’ पूरी तरह टूट चुका है जिसके दम पर ये तोबाबाज और बम माफिया सालों से पल रहे थे. पहले सुजीत बोस, जय प्रकाश मजूमदार, स्वरूप विश्वास और अब शौकत मोल्ला का नंबर आना साफ इशारा है कि बंगाल की जनता को डराने के लिए जो ‘डेथ सिंडिकेट’ चलाया जा रहा था, उसका अब पूरी तरह एंड हो चुका है. एनआईए अब इस पूरी खूनी साजिश के पीछे छिपे बड़े राजनीतिक आकाओं के चेहरों को बेनकाब करने में जुट गई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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