देश

EVM लाने का फैसला राजीव गांधी के टाइम लिया गया, चुनाव के लिए देश में SIR जरूरी, वोटर ल‍िस्‍ट नई हो या पुरानी…कांग्रेस का हारना तय- अमित शाह

विपक्ष की मांग पर संसद के शीतकालीन सत्र में दो दिन तक लगातार चुनाव सुधार पर चर्चा हुई. चुनाव सुधार को लेकर लगातार चर्चा पर बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर जाम का निशाना साधा इस बीच नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और गृह मंत्री अमित शाह के बीच तीखी नोंक झोंक भी देखी गई. इस दौरान सड़क से संसद तक विपक्ष चुनाव आयोग पर जो निष्पक्ष नहीं होने का आरोप लगाता रहा और सरकार पर वोट चोरी का आरोप लगता रहा. इस पर गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष को ही घेरे में लिया.

शाह ने कहा कि वोट चोरी के तीन आधार होते हैं, नंबर एक- योग्यता नहीं है और आप वोटर बनकर बैठे हैं, ये वोट चोरी मानी जाती है. दूसरा, आप गलत प्रकार से चुनाव जीतते हैं. तीसरा- वोट के विपरीत पद प्राप्त करना. ये तीनों ही वोट चोरी के दायरे में आती हैं.

तीन बड़ी वोट चोरी की घटनाएँ

उन्होंने कहा कि मैं तीन वोट चोरी की घटनाएँ बताना चाहता हूँ. आज़ादी के बाद देश का प्रधानमंत्री कौन बनेगा, इस पर वोटिंग हुई. उस वक्त जितने प्रांत थे, उनके कांग्रेस अध्यक्षों के एक-एक वोट का चुनाव हुआ. सरदार वल्लभभाई पटेल जी को 28 वोट मिले, और 2 वोट जवाहरलाल नेहरू जी को मिले. लेकिन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू जी बने. दूसरी वोट चोरी – अनैतिक तरीके से चुनाव जीतना. इंदिरा गांधी रायबरेली से चुनी गई. उस वक्त इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह तय कर दिया कि इंदिरा गांधी ने उचित तरीके से चुनाव नहीं जीता, इसलिए हम उनके चुनाव को रद्द करते हैं.

यह थी वोट चोरी. लेकिन उस वोट चोरी को ढंकने के लिए संसद में कानून लाया गया कि प्रधानमंत्री पर केस नहीं हो सकता. तीसरी वोट चोरी सोनिया गांधी नागरिक बनने से पहले मतदाता बनीं. इसके बाद विपक्ष ने साधन में हंगामा शुरू कर दिया. ऐसे में अमित शाह ने कहा सोनिया जी को अदालत में जवाब देना है ये लोग (विपक्ष)यहां क्यों दे रहे हैं. देश की जनता से यह कहना चाहता हूँ कि कोई भी लोकतंत्र सुरक्षित कैसे रह सकता है, जब मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री घुसपैठिये तय करेंगे? एक मतदाता का एक से ज़्यादा जगह पर वोट होना चाहिए?

कांग्रेस के आरोपों पर शाह का जवाब

गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि SIR और कुछ नहीं, मतदाता सूची का शुद्धिकरण है. मुझे पता है कि इससे कुछ राजनीतिक दलों की राजनीतिक महत्वाकांक्षा आहत होंगी. मेरी उनके साथ संवेदना भी है, क्योंकि देश के मतदाता तो उन्हें वोट देते नहीं, थोड़े-बहुत विदेशी देते थे, वे भी इससे चले जाएँगे. कल कुछ कांग्रेस के लोग कह रहे थे कि चुनाव आयोग को SIR का अधिकार ही नहीं है. आर्टिकल 327 चुनाव आयोग को इस व्याख्या के आधार पर मतदाता सूची बनाने का अधिकार देता है.

विपक्ष पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि जो लोग सोचते हैं कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR की ज़रूरत क्या है, उन्हें इतिहास जानना चाहिए.

सबसे पहला SIR 1952 में हुआ, तब जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री थे. इसके बाद 1957 में भी हुआ, तब भी नेहरू जी प्रधानमंत्री थे. तीसरा 1961 में हुआ, 1965, 1966 में भी हुआ. 1983, 1984 में भी हुआ, तब इंदिरा जी थीं. 1987, 1989 में हुआ, तब राजीव गांधी थे. 1992, 1993, 1995 में हुआ, तब नरसिम्हा राव थे. 2002 और 2003 में हुआ, तब अटल बिहारी वाजपेयी जी थे. 2004 में गहन पुनरीक्षण समाप्त हुआ, तब मनमोहन सिंह जी प्रधानमंत्री थे.

सुप्रीम कोर्ट ने EVM को दिया कानूनी मंजूरी

गृह मंत्री ने कहा EVM 15 मार्च 1989 को राजीव गांधी के टाइम EVM लाने का फैसला लिया गया. शाह ने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट के 5 जजों की बेंच ने EVM के कानूनी बदलाव को सही ठहराया. 1998 में एमपी, राजस्थान दिल्ली में 16 विधानसभा में EVM से चुनाव कराया गया. ट्रायल लिया गया. चेक करके 2004 में पूरे देश में EVM का यूज हुआ. मेरे सामने के सभी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ही जीती. तब EVM की चर्चा नहीं हुई. 2009 में EVM से चुनाव हुआ, ये जीते तो चुप्पी साधी. 2014 में हम जीते हो सवाल किए गए.

गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा वोटर ल‍िस्‍ट नया हो या पुराना आपका हारना तय है. वहीं, अमित शाह के भाषण के बीच राहुल गांधी उठे और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए.

राहुल गांधी ने सवाल किया कि भारत के इतिहास में पहली बार चुनाव आयोग को पूर्ण प्रतिरक्षा प्रदान करने वाला निर्णय था. उन्होनें कहा कि हरियाणा में कई उदाहरण हैं. 19 लाख फर्जी मतदाता थे. राहुल गांधी ने गृह मंत्री को इस मामले पर बहस करने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस मुद्दे पर चुनौती दी. इसके बाद अमित शाह ने कहा कि हम उनके उकसावे में नहीं आने वाला हैं. अमित शाह ने कहा कि मुझे क्या बोलना है ये मैं तय करूंगा.

ये भी पढ़ें: Electoral Reform Discussion: लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- हम चर्चा से कभी नहीं भागे, SIR को लेकर विपक्ष को घेरा

-भारत एक्सप्रेस

कोमल शर्मा, वरिष्ठ संवाददाता

Recent Posts

नवरात्रि की महाष्टमी पर सुकर्मा योग का दुर्लभ संयोग: जानें मां महागौरी पूजा, शुभ मुहूर्त समेत आज का पूरा पंचांग

आज 18 अक्टूबर 2026, रविवार को शारदीय नवरात्र की महाष्टमी का पावन अवसर है. तिथि,…

2 minutes ago

सुकर्मा योग से बदल जाएगी इन 4 राशियों की किस्मत! मेष-सिंह को मिलेगा लाभ तो कन्या वाले हो जायें सावधान

18 अक्टूबर 2026 को महाष्टमी के दिन सुकर्मा योग के प्रभाव से मेष, सिंह, मकर…

14 minutes ago

आज का मेष राशिफल: मिलेगा सरप्राइज गिफ्ट, रविवार को सूर्य और मां भवानी की बरसेगी कृपा

Mesh Rashi Aaj Ka Rashifal Today: नवरात्रि के पावन रविवार मेष राशि पर मां दुर्गा…

32 minutes ago

आज का वृषभ राशिफल: दोपहर बाद खुलेंगे भाग्य, रविवार को वाणी पर रखें संयम; जानें उपाय

Vrishabh Rashi Aaj Ka Rashifal Today: शारदीय नवरात्रि के रविवार वृषभ राशि के लिए नवम…

32 minutes ago

आज का मिथुन राशिफल: पहले पहर में निपटा लें जरूरी काम; मिलेगी शुभ सूचना

Mithun Rashi Aaj Ka Rashifal Today: नवरात्रि के रविवार मिथुन राशि के लिए संपत्ति के…

32 minutes ago

आज का कर्क राशिफल: गुस्से पर रखें काबू और जीवनसाथी की सुनें, कैसे मिलेगी मां दुर्गा की कृपा?

Kark Rashi Aaj Ka Rashifal Today: नवरात्रि के रविवार कर्क राशि के लिए दोपहर बाद…

32 minutes ago