Parliament Monsoon Session Adjourned: संसद का यह मानसून सत्र हंगामे और गतिरोध की भेंट चढ़ने के बाद गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया. सत्र के अंतिम दिन का दृश्य बेहद खास रहा, जहां लोकसभा की कार्यवाही महज 1 मिनट चली, वहीं राज्यसभा में करीब 1 घंटे तक कामकाज हुआ. अंतिम दिन लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पूरी कैबिनेट और विपक्ष के नेता राहुल गांधी मौजूद रहे.
सदन शुरू होते ही राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह पद बजाए जाने के तुरंत बाद स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की. परंपरा से हटकर, इस बार लोकसभा अध्यक्ष ने सत्र के कामकाज और उत्पादकता का ब्यौरा देने वाला समापन भाषण भी नहीं पढ़ा.
लोकसभा 19 बैठकों में कुल तय 114 घंटों में से केवल 17 घंटे 30 मिनट ही काम हो सका, जबकि लगभग 96 घंटे 30 मिनट का समय हंगामे की वजह से बर्बाद हो गया. तुलनात्मक आंकड़े की बात की जाए तो वर्ष 2025 के मानसून सत्र में 21 बैठकों के दौरान लोकसभा में केवल 37 घंटे काम हो सका था. कई बिल पास कराए गए लेकिन विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक (FCRA) 2026 को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को सौंपने का प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित हुआ.
राज्यसभा में कार्यवाही के दौरान विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक गंभीर मुद्दा उठाते हुए सत्तारूढ़ पार्टी पर निशाना साधा. खड़गे ने कहा, “मैं हल्द्वानी के रामलीला मैदान में एक विशाल जनसभा को संबोधित करने गया था, जहाँ मैंने बिना किसी धर्म या समुदाय का नाम लिए केवल सरकार की नीतियों के मुद्दे उठाए थे. लेकिन मेरे जाने के बाद बीजेपी के लोगों ने उस मंच को ‘शुद्ध’ करने के लिए वहाँ हवन कराया.”
खड़गे के आरोपों का जवाब देते हुए राज्यसभा में सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, “खड़गे जी ने जो बात कही है, वह बेहद दुखद है. यह सिर्फ कांग्रेस के लिए ही नहीं, बल्कि हम सभी के लिए दुख की बात है. भारतीय जनता पार्टी इस तरह की गतिविधियों का कभी समर्थन नहीं करती. हम इस पूरी घटना की जांच कराएंगे और मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि सत्य सामने लाया जाएगा.”
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इसके बाद राज्यसभा में माइंस एंड मिनरल्स (MMDR) संशोधन बिल 2026 को पारित किया गया और ‘वंदे मातरम्’ के बाद उच्च सदन को भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया. गौरतलब है कि पूरे सत्र में नीट पेपर लीक, राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े विवाद और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दों को लेकर विपक्ष का जोरदार हंगामा देखने को मिला.
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