संसद के विशेष सत्र में आज (शुक्रवार) का दिन बेहद अहम माना जा रहा है. आज महिला आरक्षण, परिसीमन समेत तीन महत्वपूर्ण विधेयकों पर मतदान होना है. केंद्र सरकार ने इन्हीं विधेयकों को आगे बढ़ाने के लिए यह विशेष सत्र बुलाया है, लेकिन इसके साथ ही राजनीतिक तापमान भी काफी बढ़ गया है.
सरकार इन विधेयकों को देश के लिए ऐतिहासिक कदम बता रही है और दावा कर रही है कि इससे लोकतंत्र और ज्यादा मजबूत होगा. वहीं विपक्ष का कहना है कि जिस तरीके से और जिस समय यह सत्र बुलाया गया है, उस पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं.
गुरुवार (16 अप्रैल) को लोकसभा में इस मुद्दे पर लंबी और तीखी बहस देखने को मिली थी, और अब सभी की निगाहें आज होने वाली वोटिंग पर टिक गई हैं.
महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे मुद्दे वैसे तो लंबे समय से चर्चा में रहे हैं, लेकिन इस बार इन्हें लेकर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने हैं. सरकार का कहना है कि यह कदम महिलाओं को संसद और राजनीति में ज्यादा प्रतिनिधित्व देने की दिशा में बड़ा बदलाव साबित होगा. दूसरी तरफ विपक्ष का आरोप है कि इसके पीछे राजनीतिक गणना और समय को लेकर पारदर्शिता की कमी है.
इसी बीच भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने विपक्ष और खासकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण को लेकर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें समझ नहीं आया कि वह संसद में भाषण सुन रहे थे या कोई “प्रदर्शन” देख रहे थे.
दुबे ने कहा कि रात देर तक संसद की कार्यवाही चलती रही, लेकिन जब उन्होंने राहुल गांधी को सुना तो उन्हें ऐसा लगा जैसे किसी मंच पर कोई “जादू शो” चल रहा हो. उनके मुताबिक, भाषण का विषय गंभीर मुद्दों पर होना चाहिए था, लेकिन उसमें वह गंभीरता नजर नहीं आई जिसकी उम्मीद की जा रही थी.
निशिकांत दुबे ने जातिगत जनगणना के मुद्दे को भी उठाया और कांग्रेस पर पुराने रुख को लेकर सवाल किए. उन्होंने दावा किया कि पहले कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता इस तरह की जनगणना के विरोध में रहे हैं और इसे संविधान के दायरे से बाहर बताया गया था.
उन्होंने 2011 के कुछ नेताओं के बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय कांग्रेस के भीतर इस मुद्दे पर सहमति नहीं थी. हालांकि अब राजनीतिक हालात बदलने के साथ इस पर अलग-अलग रुख देखने को मिल रहा है.
महिला आरक्षण और परिसीमन के संदर्भ में उन्होंने यह भी कहा कि अगर मौजूदा कानून लागू होता है तो लोकसभा सीटों की नई व्यवस्था 543 सीटों के आधार पर लागू करने के लिए सरकार तैयार है. उन्होंने दक्षिणी राज्यों में सीटों के संभावित बदलाव का जिक्र करते हुए इसे एक बड़ा राजनीतिक सवाल बताया है.
यह भी पढ़े: ’30 सालों से अटके विधेयक को पारित करा दिया,’ पीएम मोदी की तारीफ कर कंगना रनौत ने साधा विपक्ष पर निशाना
-भारत एक्सप्रेस
Gopalganj News: बिहार के ऐतिहासिक हथुआ राज घराने में खुशियों की लहर दौड़ गई है.…
दिवाली तक दिल्ली में बड़े धरना-प्रदर्शनों और मार्च पर रोक लगाने की मांग उठी है.…
RRB NTPC Recruitment 2026 Apply Online: RRB NTPC भर्ती 2026 में 12वीं पास युवाओं के…
Mobile Rules: अनजान और फर्जी कॉल्स से परेशान मोबाइल यूजर्स के लिए बड़ी राहत की…
Bihar News: राघोपुर नाव हादसे के बाद पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे तेजस्वी यादव का…
Supreme Court: टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 16…