देश

फूलों से सजती राहें, नम आंखों से विदाई… परमिंदर सिंह झोटा के लिए सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब

कुछ विदाइयां ऐसी होती हैं जिनमें सिर्फ आंसू नहीं बहते बल्कि लोगों के दिलों में छिपा दर्द भी सड़कों पर उतर आता है. पंजाब के नौजवान परमिंदर सिंह झोटा की विदाई का मंजर भी कुछ ऐसा ही है. नशों के खिलाफ आवाज उठाने और संघर्ष करने के दौरान अपनी जान गंवाने वाले परमिंदर की पार्थिव देह जब चंडीगढ़ से मानसा के लिए रवाना हुई तो रास्ते में जगह-जगह लोग उनके स्वागत के लिए खड़े नजर आए. कोई फूल बरसा रहा है तो कोई एंबुलेंस के सामने हाथ जोड़कर अपने इस नौजवान को आखिरी बार देखना चाहता है.

फूलों से पटी सड़कें, हर आंख में नजर आया दर्द

पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परमिंदर सिंह झोटा की पार्थिव देह एंबुलेंस से मानसा लाई जा रही है. इस सफर के दौरान कई जगहों पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. लोग एंबुलेंस को रोककर उनके अंतिम दर्शन कर रहे हैं और फूलों की वर्षा करके श्रद्धांजलि दे रहे हैं. माहौल इतना भावुक है कि हर तरफ गम और संवेदनाओं का सैलाब दिखाई दे रहा है. जिन रास्तों से कभी परमिंदर जैसे नौजवान गुजरते होंगे, आज उन्हीं रास्तों पर लोग उन्हें आखिरी विदाई देने के लिए खड़े हैं.

तीन दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं पिता भीम सिंह

इस दुखद घड़ी में परमिंदर के परिवार का दर्द भी सामने आया है. उनके पिता भीम सिंह पिछले तीन दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं. उनका कहना है कि जब तक मानसा के एसपी का तबादला नहीं किया जाता, तब तक वह अपना विरोध खत्म नहीं करेंगे. बेटे को खोने के गम के बीच पिता का यह संघर्ष पूरे मामले को और भावुक बना रहा है. उनके लिए यह सिर्फ एक मांग नहीं बल्कि न्याय की लड़ाई है.

पाकिस्तान से भी आया खास निमंत्रण

इस बीच भीम सिंह ने एक और जानकारी साझा की है. उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के लहंदे पंजाब के मुख्यमंत्री की ओर से उन्हें पाकिस्तान आने का न्योता मिला है. उन्हें वहां आने और ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन कराने की बात कही गई है.

मानसा में अंतिम दर्शन का इंतजार

फिलहाल सभी की निगाहें परमिंदर सिंह झोटा की पार्थिव देह के मानसा पहुंचने पर टिकी हैं. उनके अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है. आज सड़कों पर उमड़ा यह जनसैलाब बता रहा है कि परमिंदर की मौत ने लोगों को भीतर तक झकझोर दिया है. किसी के हाथ में फूल हैं, किसी की आंखों में आंसू और हर दिल में एक ही भाव है कि इस नौजवान को आखिरी विदाई दी जाए.

– भारत एक्सप्रेस

Pankaj kumar Pandey

मैं पंकज कुमार पाण्डेय हूं और मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण से आता हूं, जो सत्याग्रह की धरती है. मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई चंपारण में ही हुई है. इसके बाद मैंने महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की. अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा हूं. इस दौरान रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचार प्रस्तुति से जुड़े अहम पहलू सीखने को मिले. वर्तमान में मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं, जहां मेरी विशेष रुचि राजनीति, विदेश और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी खबरों में है. क्योंकि मेरा मानना है कि पत्रकारिता महज एक नौकरी नहीं बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी है.

Recent Posts

‘पूरी तरह आजाद हुआ बस्तर…’, पीएम मोदी के दौरे पर क्या-क्या बोले अमित शाह?

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पीएम मोदी के बस्तर दौरे को ऐतिहासिक करार देते…

10 minutes ago

सीएम देवेंद्र फडणवीस पर गदगद हुए पीएम मोदी, पोस्ट कर बताया कारण?

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दीपावली पर कुछ ऐसा कर दिखाया कि उसने पीएम…

52 minutes ago

पीएम मोदी के बस्तर दौरे पर घिर गए अखिलेश यादव और राहुल गांधी; जानें कैसे?

पीएम मोदी द्वारा बस्तर में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दीपावली मनाने के फैसले…

1 hour ago