देश

सब बैठे रहे… प्रोटोकॉल तोड़ अकेले क्यों खड़े हुए पीएम मोदी? सेशेल्स का वीडियो वायरल

PM Modi Video Viral: हिंद महासागर के खूबसूरत द्वीपीय देश सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया का परेड ग्राउंड तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज रहा था. मौका था सेशेल्स के स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक स्वर्ण जयंती (गोल्डन जुबली) समारोह का, जहां पीएम मोदी मुख्य अतिथि के रूप में मंच पर मौजूद थे. इस पूरे वैश्विक जलसे के बीच एक ऐसा भावुक और गौरवमयी पल आया जब पीएम मोदी तमाम प्रोटोकॉल तोड़कर खड़े हो गए. इस घटना ने मौजूद हर शख्स और सोशल मीडिया के जरिए इसे देख रहे करोड़ों भारतीयों के सीने को गर्व से चौड़ा कर दिया.

समारोह के दौरान जब सेशेल्स की धरती पर भारतीय सेना और नौसेना की संयुक्त मार्चिंग टुकड़ी (कंटिंजेंट) और इंडियन नेवल बैंड पूरे रौब और स्वदेशी धुन के साथ आगे बढ़ रहे थे, तब मंच पर मौजूद वीआईपी गैलरी में एक अभूतपूर्व दृश्य दिखा. आइये जानें क्या है पूरा मामला और देखें वीडियो

अकेले खड़े हुए पीएम मोदी (PM Modi Seychelles Video Viral)

भारतीय जवानों को अपने सामने मार्च पास्ट करते देख पीएम मोदी देश की सेना और सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान और गहरी श्रद्धा से भावविभोर हो उठे. जब मंच पर मौजूद अन्य सभी मेहमान अपनी-अपनी कुर्सियों पर बैठे हुए थे, तब प्रोटोकॉल को दरकिनार कर पीएम मोदी अकेले थे जो अपने स्थान पर उठकर खड़े हो गए. उन्होंने मुस्तैदी से खड़े होकर भारतीय जवानों को तब तक सलामी दी, जब तक कि वह टुकड़ी मंच के सामने से गुजर नहीं गई.

प्रोटोकॉल से ऊपर सेना का सम्मान (Why PM Modi Break Protocall)

पीएम मोदी का अपनी सेना के प्रति यह आत्मीय लगाव और सम्मान कोई नया नहीं है, लेकिन सेशेल्स के राष्ट्रीय मंच पर उनका यह व्यवहार एक सच्चे राष्ट्रनायक की छवि को प्रदर्शित करता है. इस वीडियो और तस्वीरों ने देखते ही देखते इंटरनेट पर धूम मचा दी है.

ये भी पढ़ें: सेशेल्स की आजादी की गोल्डन जुबली पर मुख्य अतिथि बने पीएम मोदी; भारतीय सेना की असम रेजिमेंट ने नेशनल परेड में की मार्चिंग

भारत के लिए सोशल मीडिया पर ‘जय हिंद’ जैसे संदेशों के साथ इस पल को शेयर कर रहे हैं. विदेशी मेहमान औपचारिकता निभा रहे थे, वहीं भारत का प्रधान सेवक सुदूर सात समंदर पार भी अपने जवानों की हौसलाअफजाई के लिए पूरी श्रद्धा से खड़ा था. यह छोटा सा लेकिन बेहद शक्तिशाली इशारा वैश्विक मंच पर भारतीय सेना की धमक और भारत की मजबूत छवि को बयां करता है.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

Recent Posts

चिता की आग और मोक्ष की नगरी, क्या आपने देखी है बनारस की इस दुनिया की असली तस्वीर?

बनारस को मोक्ष की नगरी कहा जाता है, लेकिन इसी शहर की चिताओं के बीच…

37 minutes ago

नहीं रहे वेलकम फेम मुश्ताक खान, 56 साल की उम्र में कैंसर से हारे जंग, इंडस्ट्री में शोक की लहर

Mushtaq Khan Passed Away: बॉलीवुड अभिनेता मुश्ताक खान का 75 साल की उम्र में निधन…

41 minutes ago

सपनों के आशियाने के लिए पीएफ से निकालें पैसा: बदल गए EPF निकासी के नियम

EPF Scheme 2026 के नए नियमों के तहत अब मात्र 12 महीने की नौकरी के…

51 minutes ago

टैरिफ वॉर के बीच दुश्मनी भूल दोस्त बने ट्रंप-जिनपिंग? व्हाइट हाउस में हाथ मिलाते ही कर दिया बड़ा ऐलान

Donald Trump Xi Jinping White House Meeting: व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और…

1 hour ago

CEC ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते-साधते उद्धव ठाकरे की पार्टी पर क्या बोल गए अभिजीत दिपके?

Election Commission Controversy: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने चुनाव आयोग और…

1 hour ago

कौन थीं भीकाजी कामा? जिन्होंने जर्मनी में फहराया था आज़ादी का झंडा, जानिए विदेशी धरती से कैसे हिलाया था ब्रिटिश शासन

आज भारत की स्वतंत्रता संग्राम की महानायिका मैडम भीकाजी रुस्तम कामा की जयंती है. वे…

2 hours ago