दुनिया

कतर की राजधानी में कल आमने-सामने बैठेंगे US और ईरान, क्या मंगलवार को हो पाएगा विश्व का ‘मंगल’?

दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की कगार पर धकेलने वाले अमेरिका और ईरान के महा-तनाव के बीच आखिरकार वैश्विक बिरादरी के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर (US Iran Doha Talks) सामने आई है. पिछले कुछ दिनों से मिडिल ईस्ट में बारूद की तरह सुलग रहे इन दोनों देशों ने फिलहाल एक-दूसरे पर होने वाले तमाम सैन्य और मिसाइल हमलों को तुरंत रोकने पर सहमति जता दी है.

इस युद्धविराम के पीछे की सबसे बड़ी वजह यह है कि दोनों देश अब टेबल टॉक यानी बातचीत के जरिए इस खूनी विवाद को सुलझाने के लिए राजी हो गए हैं. खबर है कि मंगलवार (30 जून 2026) को कतर की राजधानी दोहा में दोनों धुर विरोधी देशों के उच्च-स्तरीय प्रतिनिधियों और राजनयिकों की एक बेहद गोपनीय और रणनीतिक बैठक होने जा रही है.

अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के मुताबिक, दोनों देशों ने फिलहाल अपने-अपने फाइटर जेट्स और नौसेना को शांत रहने का आदेश दिया है ताकि दोहा में होने वाली इस कूटनीतिक बातचीत को बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ाया जा सके. कूटनीति के गलियारों में माना जा रहा है कि समंदर में मचे इस भयंकर गदर के बीच मंगलवार को दोहा की धरती पर सच में बड़ा ‘मंगल’ होने जा रहा है.

क्या है ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का वो विवाद?

इस पूरे विवाद की जड़ में दुनिया का सबसे संवेदनशील और रणनीतिक समुद्री रूट ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) है, जिसे पूरे ग्लोबल ऑयल ट्रेड की लाइफलाइन माना जाता है. दरअसल, पिछले कुछ हफ्तों में इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय तेल टैंकरों पर हुए संदिग्ध हमलों और अमेरिकी जासूसी ड्रोन्स को ईरान द्वारा निशाना बनाए जाने के बाद वाशिंगटन और तेहरान के बीच कड़वाहट चरम पर पहुंच गई थी.

अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र में अपने युद्धपोत और बी-52 बमवर्षक विमान तैनात कर दिए थे, जिसके जवाब में ईरान ने भी अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों का रुख अमेरिकी सैन्य ठिकानों की तरफ कर दिया था. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है.

अगर ईरान इस रास्ते को ब्लॉक कर देता, तो पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई ठप हो जाती और वैश्विक अर्थव्यवस्था पूरी तरह जमींदोज हो जाती. इसी महा-संकट को भांपते हुए कतर ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई और दोनों देशों को इस बात पर राजी किया कि युद्ध किसी भी समस्या का हल नहीं है बल्कि टेबल पर बैठकर (US Iran Doha Talks) ही होर्मुज के इस चक्रव्यूह का रास्ता निकाला जा सकता है.

ये भी पढ़ें-5 जून की रात, काला बैग: चंपत राय को पहले लग गई थी भनक! राम मंदिर चढ़ावा चोरी में CCTV ने खोले राज=

कतर बना कूटनीति का सबसे बड़ा केंद्र (US Iran Doha Talks)

कतर की राजधानी दोहा एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और शांति वार्ताओं का सबसे बड़ा वैश्विक केंद्र बनकर उभरी है. मंगलवार को होने वाली इस महा-बैठक में दोनों पक्षों के एजेंडे बेहद साफ और कड़े हैं. अमेरिकी अधिकारी जहां स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अंतरराष्ट्रीय जहाजों की सुरक्षा की पक्की गारंटी और ईरानी नेवी की आक्रामकता पर लगाम लगाने की मांग करेंगे, वहीं दूसरी तरफ ईरान अपने ऊपर लगे कड़े आर्थिक प्रतिबंधों में ढील देने और खाड़ी क्षेत्र से अमेरिकी सेना की वापसी का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाएगा. रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों का फिलहाल हमले रोकना ही इस बात का सबूत है कि बैकचैनल कूटनीति काम कर रही है.

हालांकि, यह शांति कितनी स्थायी होगी, यह पूरी तरह से मंगलवार को होने वाली इस बैठक के नतीजों पर निर्भर करेगा. अगर दोनों देश किसी ठोस समझौते पर पहुंचते हैं, तो यह साल 2026 की सबसे बड़ी वैश्विक कूटनीतिक कामयाबी होगी, जो मिडिल ईस्ट में शांति का एक नया रास्ता खोलेगी.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

Rohit Agrawal

Recent Posts

आरा में दिनदहाड़े रिटायर्ड कस्टम अफसर की हत्या, बेटे के सामने बरसाईं गोलियां

Crime News: बिहार के आरा में रिटायर्ड कस्टम अधिकारी और क्षत्रिय संघ बिहार के अध्यक्ष…

6 minutes ago

परमिंदर सिंह झोटा मर्डर केस: पंजाब बंद का मानसा में दिखा भारी असर, सड़कें सुनसान और बाजार पूरी तरह ठप

Punjab News: परमिंदर सिंह झोटा हत्याकांड के विरोध और इंसाफ की मांग को लेकर 15…

11 minutes ago

‘दवा पीने के बाद बिगड़ी हालत’… जमुई में 10 महीने की बच्ची की मौत पर भड़के लोग, किया जोरदार हंगामा

Jamui News: जमुई शहर में एक निजी क्लीनिक में इलाज के दौरान 10 महीने की…

37 minutes ago

दुर्गा पूजा से लेकर करवा चौथ तक 10 दिन बंद रहेंगे बैंक, घर से निकलने से पहले देखें पूरी लिस्ट

अक्टूबर 2026 के दूसरे पखवाड़े में विभिन्न त्योहारों और वीकेंड के चलते देश के अलग-अलग…

45 minutes ago