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विकसित भारत के लक्ष्य को गति देने पर जोर: प्रधानमंत्री मोदी ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दिए सुशासन, युवा, कृषि और खेल विकास के मंत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर ग्रामीण विकास, कृषि, सामाजिक कल्याण और इससे जुड़े विभिन्न क्षेत्रों की प्रगति की समीक्षा के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की. बैठक में विकसित भारत के लक्ष्य को तेज़ी से हासिल करने के लिए विभिन्न मंत्रालयों के कामकाज, योजनाओं के प्रभाव और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई. इस दौरान कैबिनेट सचिव, विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों और प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया.

बैठक में प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार की हर नीति और हर सुधार का केंद्र देश का नागरिक होना चाहिए. उन्होंने कहा कि सुधार केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उनका उद्देश्य आम लोगों के जीवन में वास्तविक और सकारात्मक बदलाव लाना होना चाहिए. उन्होंने इस बात पर बल दिया कि जब नीतियां जनता की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाई जाएंगी, तभी विकसित भारत का सपना तेज़ी से साकार होगा.

भविष्य की रणनीति पर मंत्रालयों को पीएम मोदी ने दिया निर्देश

प्रधानमंत्री ने कहा कि बदलते समय के साथ शासन व्यवस्था भी लगातार विकसित हो रही है. ऐसे में सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप अपनी कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, आधुनिक और जवाबदेह बनाना होगा. उन्होंने सुझाव दिया कि सभी मंत्रालय अपने-अपने क्षेत्रों में आने वाली नई चुनौतियों और आवश्यकताओं का व्यापक अध्ययन करें, ताकि समय रहते उनके अनुरूप योजनाएं और व्यवस्थाएं तैयार की जा सकें.

उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि विकसित भारत का लक्ष्य किसी एक मंत्रालय या विभाग के प्रयासों से हासिल नहीं होगा. इसके लिए पूरे सरकारी तंत्र को एक साझा दृष्टिकोण के साथ काम करना होगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल और समन्वय विकसित करना समय की आवश्यकता है, ताकि योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंच सके.

देश का युवा ही विकसित भारत की सबसे मजबूत नींव है- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा राष्ट्रीय आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया. उन्होंने कहा कि देश का युवा इस अभियान की सबसे बड़ी शक्ति है और विकसित भारत की मजबूत नींव भी युवा पीढ़ी ही रखेगी. इसलिए युवाओं को राष्ट्र निर्माण की इस यात्रा का सक्रिय भागीदार बनाया जाना चाहिए.

बैठक में युवाओं के सामने बढ़ती नशे की समस्या पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई. प्रधानमंत्री ने कहा कि यह केवल सामाजिक नहीं बल्कि राष्ट्रीय चुनौती है. उन्होंने सुझाव दिया कि विभिन्न मंत्रालय मिलकर ऐसी संस्थागत व्यवस्था तैयार करें, जिससे विभागीय सीमाएं समाप्त हों और युवाओं से जुड़ी योजनाओं, जागरूकता अभियानों तथा पुनर्वास कार्यक्रमों में बेहतर समन्वय स्थापित हो सके.

खेल क्षेत्र को लेकर भी प्रधानमंत्री ने व्यापक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता बताई. उन्होंने कहा कि खेल अब केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यटन, रोजगार, निवेश और वैश्विक पहचान का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है. भारत को भविष्य में बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी का लक्ष्य रखना चाहिए, जिससे देश वैश्विक खेल केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर सके. साथ ही उन्होंने खेल क्षेत्र में तकनीक, नवाचार और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने की आवश्यकता भी रेखांकित की.

स्वच्छ ऊर्जा से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

कृषि क्षेत्र पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि किसान प्रधानमंत्री कुसुम योजना जैसी पहलों को बड़े पैमाने पर अपनाते हैं, तो इससे खेती की तस्वीर बदल सकती है. उन्होंने आधुनिक तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा और टिकाऊ कृषि मॉडल को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि इससे किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को अधिक आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी.

रोजगार और कौशल विकास के विषय पर प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि दुनिया भर में बदलती कौशल आवश्यकताओं का भी अध्ययन करना चाहिए. उन्होंने वैश्विक स्तर पर कौशल की मांग का व्यापक आकलन करने और उसके अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षित करने पर बल दिया, ताकि भारतीय युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बेहतर अवसर प्राप्त हो सकें.

बैठक के दौरान विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों ने अपने-अपने विभागों की योजनाओं, उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तार से जानकारी दी. प्रधानमंत्री ने उनके सुझावों और प्रस्तुतियों पर अपने विचार साझा किए तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय और विकसित भारत के लक्ष्य को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए.

बैठक का समापन इस साझा संकल्प के साथ हुआ कि सरकार नागरिक-केंद्रित शासन, प्रभावी नीतियों, बेहतर समन्वय और तेज़ क्रियान्वयन के माध्यम से विकसित भारत के विजन को साकार करने की दिशा में और अधिक गति से आगे बढ़ेगी.

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-भारत एक्सप्रेस

महिमा कटारिया

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