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PM Modi Gifts: इंडियन प्रीमियम कॉफी बॉक्स से जीता दिल, न्यूज़ीलैंड PM को उत्तराखंडी टोपी और इंडोनेशिया स्पीकर को ओडिशा इकत की भेंट

PM Modi Gifts: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने हालिया कूटनीतिक कार्यक्रमों के दौरान विदेशी नेताओं को भारत की सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत से जुड़े खास उपहार भेंट किए. इनमें सबसे अधिक चर्चा ‘इंडियन प्रीमियम कॉफी बॉक्स’ की हो रही है, जिसे उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज को उपहार स्वरूप दिया. यह कॉफी बॉक्स भारत के प्रमुख कॉफी उत्पादक क्षेत्रों में उगाई जाने वाली प्रीमियम कॉफी की विविधता, गुणवत्ता और समृद्ध स्वाद को दुनिया के सामने प्रस्तुत करता है. इसके जरिए भारत ने अपनी कृषि, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक मंच पर नई पहचान देने का संदेश भी दिया.

उत्तराखंडी टोपी से दिखाई हिमालयी संस्कृति की झलक

प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन को पारंपरिक उत्तराखंडी टोपी भेंट की. यह टोपी उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपरा और हिमालयी पहचान का महत्वपूर्ण प्रतीक मानी जाती है. स्थानीय कारीगरों द्वारा तैयार की जाने वाली यह टोपी राज्य की सांस्कृतिक समृद्धि और पारंपरिक जीवनशैली को दर्शाती है. इस उपहार के माध्यम से भारत ने अपनी क्षेत्रीय संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाने का प्रयास किया.

इंडोनेशिया स्पीकर को मिला ओडिशा इकत

इसी क्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने इंडोनेशिया की संसद की स्पीकर पुआन महारानी को ‘रिपॉसे’ शैली वाला ओडिशा इकत उपहार में दिया। ओडिशा का इकत, जिसे स्थानीय भाषा में ‘बंधा’ कहा जाता है, हाथ से बुने रेशमी वस्त्रों की एक प्रसिद्ध और प्राचीन परंपरा है. इसकी खास पहचान धागों को पहले रंगने और फिर बुनाई करने की अनूठी तकनीक है, जिससे आकर्षक और जटिल डिज़ाइन तैयार होते हैं.

‘लोकल टू ग्लोबल’ का संदेश’

प्रधानमंत्री मोदी के ये उपहार केवल औपचारिक भेंट नहीं, बल्कि भारत की ‘लोकल टू ग्लोबल’ सोच का प्रतीक भी हैं। इंडियन प्रीमियम कॉफी बॉक्स, उत्तराखंडी टोपी और ओडिशा इकत जैसे उपहारों के जरिए भारत ने दुनिया के सामने अपनी समृद्ध कृषि, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक विरासत को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। ये उपहार भारतीय परंपराओं के साथ-साथ देश के कारीगरों और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं.

भारत एक्सप्रेस

Swati Pandey

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