PM Narendra Modi addresses Rajya Sabha : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में पश्चिम एशिया संकट पर देश को संबोधित करते हुए इसे ‘अप्रत्याशित’ और ‘लंबे समय तक रहने वाली चुनौती’ करार दिया. पीएम ने कड़े शब्दों में कहा कि ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) में जहाजों का रास्ता रोकना और उन पर हमले करना भारत के लिए पूरी तरह अस्वीकार्य है.
उन्होंने राज्यसभा के माध्यम से दुनिया को संदेश दिया कि इस समस्या का एकमात्र समाधान ‘कूटनीति और बातचीत’ ही है. पीएम मोदी ने इस युद्ध की तुलना कोरोना संकट से करते हुए कहा कि जैसे हमने महामारी का सामना किया था, वैसे ही इस वैश्विक आर्थिक संकट से निपटने के लिए भी हम पूरी तरह तैयार हैं. आईए जानते हैं पीएम मोदी की वो बड़ी बातें जो आज उन्होंने राज्यसभा के पटल से साझा कीं:
प्रधानमंत्री ने राज्यसभा में सबसे बड़ी घोषणा (PM Modi addresses Rajya Sabha) करते हुए बताया कि सरकार ने युद्ध के आर्थिक और सुरक्षा प्रभावों से निपटने के लिए 7 नए एम्पॉवर्ड ग्रुप्स (Empowered Groups) का गठन किया है. ये ठीक उसी तर्ज पर बनाए गए हैं जैसे कोरोना काल में बनाए गए थे. ये ग्रुप्स सीधे तौर पर युद्ध के कारण तेल की कीमतों, सप्लाई चेन, फर्टिलाइजर की उपलब्धता और खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा पर 24 घंटे निगरानी रखेंगे और तुरंत निर्णय लेंगे.
ऊर्जा संकट पर देश को भरोसा दिलाते हुए पीएम (PM Narendra Modi) ने कहा कि भारत ने अपनी दूरदर्शिता के कारण 33 लाख मीट्रिक टन पेट्रोलियम का रिजर्व (Strategic Petroleum Reserve) विकसित कर लिया है. उन्होंने बताया कि ‘होर्मुज’ के बंद होने से वैश्विक तेल संकट जरूर खड़ा हुआ है, लेकिन भारत अपनी कूटनीति के दम पर अपने जहाजों को सुरक्षित निकालने में सफल रहा है. पीएम ने जोर देकर कहा कि भारत अब केवल एक रास्ते पर निर्भर नहीं है, बल्कि दुनिया में जहाँ से भी संभव है, वहां से तेल और गैस का इंतजाम किया जा रहा है.
पीएम मोदी ने राज्यसभा में अपनी सरकार के पिछले 10 साल के विजन को इस संकट का रक्षक बताया. उन्होंने कहा कि आज हम सिर्फ LPG के आयात पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि सरकार ने अपना फोकस PNG (Piped Natural Gas) के विस्तार और घरेलू उत्पादन पर शिफ्ट कर दिया है. प्रधानमंत्री ने गर्व से कहा कि भारत अब ‘मेड इन इंडिया’ जहाज बनाने की दिशा में आत्मनिर्भर हो रहा है, जिससे भविष्य में वैश्विक व्यापारिक मार्गों पर हमारी निर्भरता और जोखिम कम होंगे. उन्होंने कहा कि पहले हम ऊर्जा के लिए मुट्ठी भर देशों पर निर्भर थे, लेकिन अब हमने अपने स्रोतों का विस्तार (Diversification) कर लिया है.
लोकसभा में 3.75 लाख भारतीयों के रेस्क्यू की जानकारी देने के बाद, राज्यसभा में पीएम (PM Modi addresses Rajya Sabha) ने पश्चिम एशिया में हुई कुछ भारतीयों की मौतों पर गहरा दुख व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि युद्ध क्षेत्र में एक-एक भारतीय की जान कीमती है और हमारे मिशन निरंतर सहायता में जुटे हैं. पीएम ने अंत में दोहराया कि भारत इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए वैश्विक स्तर पर हरसंभव प्रयास कर रहा है, लेकिन साथ ही देश के भीतर जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए सरकार ‘सत्य और सख्त’ कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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