NIA raid Red Fort blast white collar terror network: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सोमवार सुबह जम्मू-कश्मीर में आतंकी नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ दिया. श्रीनगर और हंदवाड़ा के 12 विभिन्न स्थानों पर एनआईए की टीमों ने एक साथ दबिश दी. दरअसल यह पूरी कार्रवाई 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किले के पास हुए भीषण कार बम धमाके(Delhi Red Fort blast) के सिलसिले में की जा रही है.
सूत्रों के अनुसार, हंदवाड़ा के गुलोरा इलाके में एक बड़े कारोबारी के आवास पर एनआईए ने गहन तलाशी ली, जहाँ से डिजिटल दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं. सुरक्षाबलों की भारी मौजूदगी के बीच हुई इस छापेमारी का उद्देश्य उस ‘ओवर ग्राउंड वर्कर’ (OGW) नेटवर्क को ध्वस्त करना है, जिसने दिल्ली में आत्मघाती हमले के लिए लॉजिस्टिक्स और विस्फोटक मुहैया कराए थे.
10 नवंबर की शाम लाल किले के पास मची थी तबाही
गौरतलब है कि पिछले साल 10 नवंबर की शाम करीब 6:52 बजे दिल्ली का ऐतिहासिक लाल किला इलाका एक जोरदार धमाके से दहल उठा था. एक सफेद हुंडई i20 कार, जो भारी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट और अन्य विस्फोटकों से लदी थी, ट्रैफिक सिग्नल के पास फट गई थी. इस कायराना हमले में 15 लोगों की जान चली गई थी और 30 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे. एनआईए की जांच में खुलासा हुआ कि यह दिल्ली का पहला ‘कार-बॉर्न सुसाइड अटैक’ (Car-borne Suicide Attack) था. इस धमाके की गूँज इतनी तेज थी कि आसपास की इमारतों के शीशे टूट गए थे और दर्जन भर वाहन जलकर खाक हो गए थे.
‘व्हाइट-कॉलर’ टेरर मॉड्यूल का कैसे हुआ पर्दाफाश?
लाल किला धमाके की जांच ने सुरक्षा एजेंसियों को तब चौंका दिया जब मुख्य आरोपी और आत्मघाती हमलावर की पहचान डॉ. उमर उन नबी के रूप में हुई. उमर फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर था और पेशे से डॉक्टर था. एनआईए के अनुसार, यह(Delhi Red Fort blast) एक ‘व्हाइट-कॉलर’ टेरर मॉड्यूल था जिसमें पढ़े-लिखे पेशेवर लोग शामिल थे.
उमर के साथ इस साजिश में डॉ. मुजम्मिल गनई, डॉ. शाहीन सईद और मुफ्ती इरफान जैसे लोग शामिल थे, जो अंसार गजवत-उल-हिंद (AGH) और जैश-ए-मोहम्मद जैसे प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े थे. आज की छापेमारी इसी मॉड्यूल के उन मददगारों (ओजीडब्ल्यू) की तलाश में है जिन्होंने फरीदाबाद से दिल्ली तक विस्फोटक पहुँचाने में मदद की थी.
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अब कारोबारी कनेक्शन की जांच
एनआईए इस मामले में अब तक जम्मू-कश्मीर, दिल्ली और हरियाणा से 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. हाल ही में फरवरी 2026 में समीर अहमद और तुफैल अहमद की गिरफ्तारी हुई थी, जिन्होंने मास्टरमाइंड उमर को हथियार सप्लाई किए थे. आज हंदवाड़ा में जिस कारोबारी के घर छापा मारा गया है, शक है कि उसने टेरर फंडिंग या विस्फोटक छिपाने के लिए ठिकाना मुहैया कराया था.
एनआईए के अधिकारी अब जब्त किए गए दस्तावेजों के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इस मॉड्यूल के तार सीमा पार बैठे आकाओं से सीधे जुड़े थे. एजेंसी का लक्ष्य इस पूरी साजिश के हर उस चेहरे को बेनकाब करना है जिसने निर्दोष नागरिकों की जान लेने वाले इस हमले की योजना बनाई थी.
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-भारत एक्सप्रेस
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