प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रहित और सामाजिक कर्तव्यों को लेकर आज एक बेहद महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक संदेश दिया है. राजधानी नई दिल्ली से जारी अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि जब देश में चौतरफा विकास के साथ-साथ हर एक नागरिक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन सुनिश्चित होता है, तभी वास्तविक रूप से राष्ट्र की प्रगति को भी एक नई और कड़क गति मिलती है.
उन्होंने साफ किया कि इसी प्रेरक भावना और संकल्प के साथ वर्तमान सरकार भारत के सामर्थ्य, संप्रभुता और एकता को निरंतर मजबूती देने के काम में दिन-रात जुटी हुई है. पीएम मोदी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश तेजी से वैश्विक मंच पर अपनी नई पहचान बना रहा है.
अपने इस विशेष संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को याद करते हुए एक बेहद प्रभावशाली संस्कृत श्लोक साझा किया. उन्होंने लिखा, “कन्यानां सम्प्रदानञ्च कुमाराणाञ्च रक्षणम्. राष्ट्रस्य सङ्ग्रहे नित्यं विधानमिदमाचरेत्॥”
इस श्लोक के गहरे और व्यापक भावार्थ को समझाते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि समाज में कन्याओं यानी महिलाओं के हितों की समुचित और सुरक्षित व्यवस्था करना, हमारी नई पीढ़ी यानी देश के युवाओं की रक्षा, पोषण और उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना ही सबसे बड़ा धर्म है. इसके साथ ही राष्ट्र की एकता, अखंडता, सुरक्षा, समृद्धि और देश के सुव्यवस्थित संचालन के लिए निरंतर प्रयास करते रहना, देश के हर एक जनप्रतिनिधि का परम और नित्य कर्तव्य है.
प्रधानमंत्री ने इस ऐतिहासिक संदेश के माध्यम से सामाजिक कल्याण, महिला सशक्तिकरण, युवाओं की सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण को बेहद खूबसूरती के साथ एक-दूसरे से जोड़कर देश के सामने रखा. उनका मानना है कि महिलाओं को समाज में बराबर का हक और सुरक्षा देना तथा युवाओं को सही दिशा दिखाना ही किसी भी मजबूत राष्ट्र की असली रीढ़ होती है.
ये पारंपरिक और सनातन मूल्य ही हमारे देश की प्रगति की सबसे मजबूत नींव हैं, जिन पर चलकर भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाया जा सकता है. पीएम मोदी ने सभी जनप्रतिनिधियों और नेताओं से इन कर्तव्यों को अपने दैनिक जीवन और कार्यशैली में पूरी निष्ठा के साथ उतारने का पुरजोर आह्वान किया है.
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अपने संबोधन के आखिरी हिस्से में प्रधानमंत्री ने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि सरकार की नीतियां हमेशा समाज के आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति को मजबूत बनाने के विजन पर काम करती हैं. चाहे ग्रामीण इलाकों का विकास हो या फिर डिजिटल इंडिया के जरिए शहरों को स्मार्ट बनाना, हर एक योजना के मूल में देशवासियों का कल्याण ही छिपा है.
नीतिगत स्थिरता और विकास की इसी निरंतरता के कारण आज भारत की अर्थव्यवस्था और सामाजिक ताना-बाना तेजी से मजबूत हो रहा है. पीएम मोदी के इस संदेश ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि आधुनिकता के रास्ते पर चलते हुए भी भारत अपनी प्राचीन संस्कृति और नैतिक मूल्यों को कभी नहीं छोड़ेगा, बल्कि उन्हीं के दम पर विश्व गुरु बनने की राह पर आगे बढ़ता रहेगा.
-भारत एक्सप्रेस
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