देश

सोमनाथ की दहलीज पर पीएम मोदी: 1000 साल पुराने देवालय में विशेष अनुष्ठान करेंगे प्रधानमंत्री, संतों ने जताई खुशी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 मई को गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर का दौरा करेंगे. इस दौरान वे मंदिर में आयोजित एक विशेष अनुष्ठान में भाग लेंगे. प्रधानमंत्री की इस यात्रा को लेकर राम नगरी अयोध्या के संतों, धर्माचार्यों और आम जनता में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. अयोध्या के धार्मिक समाज ने सोमनाथ को भारतीय सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत प्रतीक बताया है.

विध्वंस से सृजन तक का सफर

प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ मंदिर के ‘विध्वंस से सृजन’ तक के सफर पर एक लेख भी लिखा है. दरअसल, यह अवसर इसलिए भी खास है क्योंकि सोमनाथ मंदिर के विध्वंस की ऐतिहासिक घटना के अब एक हजार वर्ष पूरे हो रहे हैं. अयोध्या के महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत की उस अटूट विरासत का प्रतीक है, जिसे कोई भी विदेशी आक्रांता कभी समाप्त नहीं कर सका. उन्होंने कहा कि यह मंदिर पूरी दुनिया में भारतीय आध्यात्मिक शक्ति का उद्घोष करता है.

सनातन संस्कृति की अमर गाथा

अयोध्या के सामाजिक कार्यकर्ता नितिन मिश्रा के अनुसार, सोमनाथ मंदिर और अयोध्या का राम मंदिर, दोनों ही भारतीय सांस्कृतिक पुनर्जागरण के स्तंभ हैं. उन्होंने कहा कि इतिहास में इस मंदिर पर कई बार हमले हुए और इसे नष्ट करने की कोशिश की गई, लेकिन करोड़ों लोगों की आस्था ने इसे बार-बार पुनर्जीवित किया. यह इस बात का प्रमाण है कि सनातन संस्कृति को तलवार के दम पर कभी मिटाया नहीं जा सकता.

संतों का समर्थन: “पीएम मोदी कर रहे विरासत को प्रतिष्ठित”

तपस्वी छावनी के जगतगुरु परमहंसाचार्य ने प्रधानमंत्री की सराहना करते हुए कहा कि मुगलकाल में भारतीय परंपराओं पर जो चोट की गई थी, पीएम मोदी उसे फिर से गौरवशाली बना रहे हैं. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी सभी सनातन धर्मावलंबियों के प्रतिनिधि के रूप में सोमनाथ जा रहे हैं. संतों का मानना है कि जो लोग भारत की संस्कृति मिटाना चाहते थे, वे खुद इतिहास बन गए, लेकिन सोमनाथ आज भी अडिग खड़ा है.

अतिरिक्त जानकारी: सोमनाथ और पीएम मोदी का जुड़ाव

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष भी हैं. उनके नेतृत्व में मंदिर परिसर के आसपास कई विकास कार्य किए गए हैं, जिसमें समुद्री तट पर बना ‘प्रोमेनेड’, प्रदर्शनी गैलरी और अहिल्याबाई मंदिर का जीर्णोद्धार शामिल है. 11 मई का यह अनुष्ठान न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता को मजबूती देने के लिहाज से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

Bharat Express Desk

Recent Posts

दिवाली सिर्फ आतिशबाजी नहीं, लोकजीवन का उत्सव है: देहरी पर लक्ष्मी के पग से लेकर ‘सूप संग दरिद्र बाहर’ तक की अनोखी रस्में

Diwali Traditions: भारत के विभिन्न प्रांतों में दिवाली केवल दीप जलाने तक सीमित नहीं है.…

23 minutes ago

Ayodhya Deepotsav 2026: दो दिन अयोध्या में रहेंगे CM योगी, जानिए पूरा कार्यक्रम

Ayodhya Deepotsav 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 7 और 8 नवंबर को अयोध्या में रहेंगे. दीपोत्सव…

25 minutes ago

योगी सरकार में सरकारी भर्तियों ने पकड़ी रफ्तार, UPSSSC ने जारी किए दो अहम परिणाम

UPSSSC Recruitment 2026: UPSSSC ने बीसीजी तकनीशियन भर्ती के 76 अभ्यर्थियों को अभिलेख परीक्षण के…

42 minutes ago

IND vs NZ 2nd ODI: भारत ने टॉस जीतकर न्यूजीलैंड को दी बल्लेबाजी, 47 ओवर का होगा मुकाबला

IND vs NZ 2nd ODI: भारत ने वेलिंगटन में दूसरे वनडे में टॉस जीतकर न्यूजीलैंड…

54 minutes ago

मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट को कहा अलविदा, बोले- भारत के लिए खेलने का गर्व हमेशा रहेगा

Mohammed Shami Retirement: भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान…

1 hour ago