Manuscript Conference At Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पांडुलिपि सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. यह तीन दिवसीय सम्मेलन, जो गुरुवार से विज्ञान भवन में शुरू हुआ, भारत की पांडुलिपि धरोहर को संरक्षित और डिजिटल करने पर केंद्रित है.
पीएम मोदी इस दौरान ‘ज्ञान भारतम’ पोर्टल का शुभारंभ करेंगे, जो देश की प्राचीन पांडुलिपियों को डिजिटाइज करने और सार्वजनिक उपयोग के लिए उपलब्ध कराने का एक महत्वपूर्ण कदम है.
‘ज्ञान भारतम’ मिशन, जो 2025-26 के बजट में घोषित ₹400 करोड़ की परियोजना है, राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन का उन्नत रूप है. यह मिशन 1 करोड़ से अधिक पांडुलिपियों को संरक्षित और सूचीबद्ध करने का लक्ष्य रखता है. सम्मेलन में यूनेस्को अधिकारी, 17 अंतरराष्ट्रीय वक्ता और भारतीय विद्वान भाग लेंगे, जो तकनीक और सांस्कृतिक कूटनीति के माध्यम से धरोहर संरक्षण पर चर्चा करेंगे.
सांस्कृतिक धरोहर का डिजिटलीकरण
स्वामी विवेकानंद के 1893 के शिकागो भाषण की 132वीं वर्षगांठ के साथ मेल खाते इस आयोजन में 1,100 से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे. यह कदम भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर लाने और डिजिटल युग में उसका संरक्षण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है.
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