लीगल

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी को राऊज एवेन्यु कोर्ट से बड़ी राहत, कोर्ट ने याचिका को किया खारिज

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी को राऊज एवेन्यु कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है. कोर्ट ने सोनिया गांधी के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया है. राऊज एवेन्यु कोर्ट के एडिशनल मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट वैभव चौरसिया ने 10 सितंबर को याचिकाकर्ता की दलील सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. दायर शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सोनिया गांधी का नाम भारतीय नागरिक बनने से पहले ही मतदाता सूची में दर्ज करा दिया गया था. यह याचिका विकास त्रिपाठी की ओर से दायर की गई थी. दायर याचिका में दावा किया गया था कि सोनिया गांधी का नाम 1980 में नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल किया गया था. जबकि आधिकारिक तौर पर वह अप्रैल 1983 में भारतीय नागरिक बनीं.

वोटर लिस्ट में शामिल थीं सोनिया गांधी

याचिका में कहा गया था कि मतदाता सूची में नाम दर्ज करने के लिए भारतीय नागरिक होना जरूरी है, लेकिन 1980 में सोनिया गांधी की स्थिति अलग थी. याचिका में सवाल उठाया गया था कि नई दिल्ली लोकसभा सीट पर वोटर लिस्ट में सोनिया गांधी का नाम कैसे शामिल था? हालांकि बीजेपी ने पहले आरोप लगाया था कि सोनिया गांधी ने नागरिकता मिलने से पहले ही वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वा लिया था. पिछली सुनवाई में वकील ने कहा था कि 1980 में मतदाता सूची में उनका नाम शामिल होने का मतलब है कि कुछ जाली दस्तावेज जमा किए गए थे और यह एक संज्ञेय अपराध का मामला है. इसलिए सोनिया गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया जाए.

याचिकाकर्ता के वकील पवन नारंग ने कोर्ट को बताया था कि 1982 में दो लोगों के नाम सूची हटाए गए थे, संजय गांधी, जिनकी मौत हो चुकी थी और सोनिया गांधी. उनका कहना है कि वोटर लिस्ट से नाम हटाने के पीछे दो ही संभावित कारण होते है- या तो व्यक्ति को किसी अन्य देश की नागरिकता मिल चुकी हो या फिर उसने दूसरे निर्वाचन क्षेत्र में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म भरा हो. दोनों स्थिति में नागरिक होना अनिवार्य है.

शिकायतकर्ता के अनुसार सोनिया गांधी मूल रूप से इटली की नागरिक थी और उन्होंने 30 अप्रैल 1983 को भारतीय नागरिकता हासिल किया. लेकिन इससे पहले ही 1981 और 1982 उनका नाम नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज हो गया था.

ये भी पढ़े: पतंजलि आयुर्वेद ने सिंगल बेंच के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर की याचिका

भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

जेआरडी टाटा का वो सपना, जिसने भारत को दी पहली एयरलाइन; जानिए एयर इंडिया की दिलचस्प कहानी

जेआरडी टाटा को 1929 में भारत का पहला पायलट लाइसेंस मिला था. इसके बाद उन्होंने…

24 minutes ago

‘सत्ता को सेवा में बदला’, पीएम मोदी के 25 वर्षों के कार्यकाल पर हिमाचल प्रदेश बीजेपी ने जताई कृतज्ञता

हिमाचल प्रदेश भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने…

28 minutes ago

पेपर लीक और नकल पर नकेल! मध्य प्रदेश बना देश का पहला राज्य, चार महानगरों में गठित हुए फास्ट-ट्रैक कोर्ट

पेपर लीक और नकल जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने…

1 hour ago

बुक रिव्यू: AI के दौर में मानवीय चेतना और संवेदनशीलता की पैरवी करती विनीत नायर की पुस्तक ‘इंसान पहले, मशीन बाद में’

मैं प्रसिद्ध लेखक विनीत नायर की पुस्तक 'इंसान पहले, मशीन बाद में' की समीक्षा कर…

2 hours ago

‘भारत अगले 20-25 वर्षों तक दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था रहेगा’: पीयूष गोयल का बड़ा बयान

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत अगले दो दशकों से अधिक समय…

2 hours ago

खेलो इंडिया और खेल महासंघों को मजबूत करने के लिए 36,000 करोड़ रुपए से अधिक आवंटित- प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में 'एशियन गेम्स 2026' के भारतीय…

2 hours ago