नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए दुनिया के कई बड़े नेता जुटे हैं. शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में पहुंचने वाले विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों और प्रमुख नेताओं का गर्मजोशी से स्वागत किया. इस दौरान एक खास बात ने सभी का ध्यान खींचा है. स्वागत स्थल की पृष्ठभूमि में तमिलनाडु के रामेश्वरम स्थित प्रसिद्ध रामनाथस्वामी मंदिर की विशाल तस्वीर दिखाई दे रही थी.
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत मंडपम में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी समेत कई नेताओं का स्वागत किया. अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भी इस दौरान वहां मौजूद रहे.
स्वागत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बातचीत करते भी नजर आए. इस दौरान उन्होंने पीछे लगी रामनाथस्वामी मंदिर की तस्वीर की ओर इशारा करते हुए मंदिर और उसके धार्मिक महत्व के बारे में संक्षेप में जानकारी दी. अन्य विदेशी नेताओं के साथ बातचीत के दौरान भी प्रधानमंत्री ने इस पृष्ठभूमि के बारे में बताया.
रामनाथस्वामी मंदिर रामेश्वरम के पंबन द्वीप पर स्थित है और देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में इसकी गिनती होती है. भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है. मंदिर अपने लंबे और भव्य गलियारों, बारीक स्थापत्य कला और धार्मिक परंपराओं के लिए दुनियाभर में जाना जाता है.
रामनाथस्वामी मंदिर का महत्व केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं है. हिंदू परंपरा में इसका संबंध रामायण से भी जोड़ा जाता है. मान्यता और धार्मिक परंपराओं के कारण रामेश्वरम लंबे समय से श्रद्धालुओं के लिए आस्था का बड़ा केंद्र रहा है. यहां होने वाले धार्मिक अनुष्ठान और मंदिर की ऐतिहासिक विरासत इसे देश के प्रमुख तीर्थस्थलों में खास स्थान देते हैं.
भारत इस साल 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है. शनिवार और रविवार, यानी 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में होने वाले इस सम्मेलन में ब्रिक्स देशों के नेताओं के साथ-साथ साझेदार देशों और आउटरीच के लिए आमंत्रित देशों के प्रतिनिधि भी हिस्सा ले रहे हैं.
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण’ रखी गई है. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की अध्यक्षता का फोकस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ह्यूमैनिटी फर्स्ट’ यानी ‘मानवता प्रथम’ के विचार पर आधारित जन-केंद्रित दृष्टिकोण पर है.
शनिवार को सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने सभी नेताओं का स्वागत किया. ‘समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करना’ विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का उद्देश्य सहयोग को आम लोगों से जोड़ना है.
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस दिशा में 350 से अधिक बैठकें आयोजित की गईं और करीब 30 शहरों में विभिन्न देशों की टीमों का स्वागत किया गया. उन्होंने कहा कि लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता भारत की प्राथमिकताओं में रहे हैं.
मोदी ने यह भी कहा कि ब्रिक्स ने वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई है और यह समूह किसी के खिलाफ नहीं है. उनके मुताबिक, ब्रिक्स को सभी देशों को साथ लेकर आगे बढ़ने की भावना के साथ काम करना चाहिए.
ये भी पढ़ें-इथियोपिया के साथ बड़ी डील! जानिए पीएम मोदी और पीएम अबी अहमद के बीच हैदराबाद हाउस में क्या-क्या फैसले हुए?
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
Gajendra Singh Shekhawat: केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के जन्मदिन पर भाजपा सांसद विनोद तावड़े…
रिकॉर्ड ऊंचाई से नीचे आने के बाद सोने और चांदी की कीमतों में लगातार सुस्ती…
Diwali Gift UP Teachers: यूपी के परिषदीय स्कूलों में 2016 से अटका शिक्षकों का प्रमोशन…
आसमान में हुए जानलेवा हमले के बीच सूझबूझ दिखाकर 174 यात्रियों की जान बचाने वाले…
Smit Machchhar Attack: फ्लाईदुबई FZ1073 में कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला करने वाले को-पायलट की…
Speed Post New Rule: डाकघर में स्पीड पोस्ट और रजिस्ट्री कराने के नियम बदल चुके…