BRICS Summit 2026: राजधानी के ऐतिहासिक हैदराबाद हाउस (Hyderabad House) में शनिवार को कूटनीति का एक और मजबूत अध्याय लिखा गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली (Abiy Ahmed Ali) के बीच एक उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक संपन्न हुई. इथियोपिया ब्रिक्स (BRICS) के नए सदस्य देशों में शामिल है, और प्रधानमंत्री अबी अहमद इस महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए विशेष रूप से नई दिल्ली पहुंचे हैं.
गर्मजोशी से कूटनीतिक शुरुआत
बैठक की शुरुआत बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इथियोपिया के पीएम अबी अहमद अली ने गर्मजोशी से गले मिलकर एक-दूसरे का स्वागत किया. इससे पहले शुक्रवार को दिल्ली पहुंचने पर रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने उनका एयरपोर्ट पर जोरदार स्वागत किया था.
आईटी सेक्टर पर बड़ा फोकस
इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत और इथियोपिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक ऊंचाई पर ले जाने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की. दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, विकास साझेदारी, क्षमता निर्माण, कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और लोगों के बीच आपसी संपर्क (People-to-People ties) जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं हैं.
भारत अपनी ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत ‘ग्लोबल साउथ’ (Global South) के देशों के साथ आपसी सहयोग को लगातार मजबूत करने पर जोर दे रहा है. इथियोपिया के 2024 में ब्रिक्स समूह का सदस्य बनने के बाद से दोनों देशों के बीच बहुपक्षीय मंचों पर संपर्क को एक नई गति मिली है.
भारत और इथियोपिया के संबंध ऐतिहासिक रूप से बेहद मजबूत रहे हैं. विकास साझेदारी और क्षमता निर्माण इन संबंधों का मुख्य आधार हैं. नई दिल्ली में हो रहा यह 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन दोनों देशों को न केवल द्विपक्षीय रिश्तों को संवारने का मौका दे रहा है, बल्कि वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर एक साझा रणनीति बनाने का भी अवसर प्रदान कर रहा है.
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