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पीएम मोदी ने दी उड़िया नववर्ष, विशु और बोहाग बिहू की शुभकामनाएं, बोले- नया साल आपके लिए खुशियां और समृद्धि लेकर आए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने सोमवार को देश के विभिन्न हिस्सों में मनाए जा रहे पारंपरिक त्योहारों की देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अलग-अलग पोस्ट के माध्यम से उड़िया नववर्ष, केरल और दक्षिण भारत में मनाए जाने वाले विशु, तमिल नववर्ष पुथांडु और असम के बोहाग बिहू (रोंगाली बिहू) के अवसर पर लोगों को बधाई दी.

PM Modi ने दी उड़िया नववर्ष की बधाई

प्रधानमंत्री ने सबसे पहले ओडिशा वासियों को उड़िया नववर्ष की बधाई देते हुए लिखा, “महा बिसुबा पना संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं. आने वाला वर्ष आपके सभी सपनों की पूर्ति का प्रतीक हो. हर जगह खुशियां, सद्भाव और समृद्धि हो.” इस मौके पर उन्होंने ओडिया संस्कृति और उसकी समृद्ध परंपराओं की भी सराहना की.

इसके बाद, केरल और दक्षिण भारत में मनाए जाने वाले त्योहार विशु की बधाई देते हुए PM Modi ने लिखा, “आप सभी को विशु की हार्दिक शुभकामनाएं! नए साल की शुरुआत के साथ, यह सभी के जीवन को नई आशा, शांति और भरपूर खुशी से भर दे. यह नई शुरुआत और ढेर सारी सफलता लेकर आए.”

PM Modi ने पुथांडु की शुभकामनाएं दी

फिर तमिल भाषियों को पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा, “पुथांडु के हर्षोल्लासपूर्ण अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं! यह नव वर्ष समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और खुशियों का आगमन करे. सभी को अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिले.”

अंत में उन्होंने असम के प्रमुख त्योहार बोहाग बिहू के अवसर पर भी शुभकामनाएं दीं. अपने संदेश में उन्होंने लिखा, “आपको एक खुशहाल और जीवंत बोहाग बिहू की शुभकामनाएं! नया साल आपके लिए नई शुरुआत, खुशियां और समृद्धि लेकर आए. सभी के अच्छे स्वास्थ्य और सभी आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करता हूं.”

यह भी पढ़ें- बाबा साहेब के सिद्धांत और आदर्श आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण को मजबूती और गति देने वाले हैं: पीएम मोदी

बता दें कि उड़िया नववर्ष, केरल और दक्षिण भारत में मनाया जाने वाला विशु, तमिल नववर्ष पुथांडु और असम का बोहाग बिहू (रोंगाली बिहू) इस वर्ष 14 अप्रैल को देशभर में पारंपरिक उल्लास और सांस्कृतिक उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. इन्हें अलग-अलग राज्यों में विशिष्ट रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाता है. इन अवसरों पर लोग पारंपरिक पोशाक पहनते हैं, स्वादिष्ट व्यंजन बनाते हैं, और अपने घरों को सजाकर नए साल का स्वागत करते हैं. ये पर्व न केवल कृषि और मौसम से जुड़ी सांस्कृतिक परंपराओं को दर्शाते हैं, बल्कि सामाजिक एकता और समृद्धि की कामना के प्रतीक भी होते हैं.

-भारत एक्सप्रेस

Shailendra Verma

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