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Pope Francis Dies: पोप फ्रांसिस के निधन पर PM Modi ने जताया गहरा दुख, 4 साल पहले उन्होंने किया था ये वादा

Pope Francis Passes Away: ईसाइयों के सबसे बड़े धर्म गुरु पोप फ्रांसिस (Pope Francis Dies) का आज सुबह 7:35 बजे निधन हो गया. वेटिकन ने उनके निधन की पुष्टि की है. वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे और कई बार अस्पताल में भर्ती कराए गए थे.

पोप फ्रांसिस रोमन कैथोलिक चर्च के पहले लैटिन अमेरिकी नेता थे. उन्हें 13 मार्च 2013 को पोप चुना गया था. उनके निधन की खबर से दुनियाभर में शोक की लहर दौड़ गई है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गहरा दुख जताया है।

पीएम मोदी ने जताया शोक, साझा की यादें

PM ने कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए एक्स पर लिखा, परम पूज्य पोप फ्रांसिस के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है. दुख और स्मरण की इस घड़ी में, वैश्विक कैथोलिक समुदाय के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएँ. पोप फ्रांसिस को दुनिया भर के लाखों लोग हमेशा करुणा, विनम्रता और आध्यात्मिक साहस के प्रतीक के रूप में याद रखेंगे. उन्होंने कम उम्र से ही प्रभु यीशु के आदर्शों को अपनाया और जीवनभर उसी राह पर चले। उन्होंने गरीबों और वंचितों की लगन से सेवा की. जो लोग पीड़ित थे, उनके लिए उन्होंने आशा की भावना जगाई.

पीएम मोदी ने आगे लिखा, मैं उनके साथ अपनी मुलाकातों को याद करता हूं और समावेशी और सर्वांगीण विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से बहुत प्रेरित हुआ हूँ. भारत के लोगों के प्रति उनका स्नेह हमेशा संजोया जाएगा. उनकी आत्मा को ईश्वर की गोद में शांति मिले.

गरीबों और पीड़ितों की सेवा में समर्पित जीवन

आपको बता दें कैथोलिक ईसाई धर्मगुरु पोप फ्रांसिस (Pope Francis Dealth) वेटिकन की व्यवस्थाओं में कई बड़े बदलाव किए और दुनिया के 65 से अधिक देशों की यात्रा की. उनका जन्म 17 दिसंबर 1936 को अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में हुआ था. उनका असली नाम जॉर्ज मारियो बर्गोग्लियो था। अपने कार्यकाल के अंतिम महीनों में वे कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझते रहे. कल ही वे ईस्टर समारोह में शामिल हुए थे, लेकिन भाषण उनके सहयोगी ने पढ़ा था.

पुरानी फेफड़ों की बीमारी से थे पीड़ित

पोप फ्रांसिस को पुरानी फेफड़ों की बीमारी थी. युवावस्था में उनके एक फेफड़े का हिस्सा निकाल दिया गया था. इस साल 14 फरवरी को उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वहां उनका इलाज डबल निमोनिया के लिए हुआ और वे करीब 38 दिन अस्पताल में रहे.

ये भी पढ़ें: कैथोलिक ईसाई धर्मगुरु पोप फ्रांसिस का 88 साल की उम्र में निधन 

-भारत एक्सप्रेस 

निहारिका गुप्ता

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