देश

बजट सत्र 2025-26 की तैयारियां तेज, क्या चुनावी गारंटियों को मिलेगी प्राथमिकता?

विकास अबरोल, कटरा


जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2025-26 के बजट सत्र की तैयारियां जोरों पर हैं. वित्त विभाग की ओर से विभागीय स्तर पर प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया जा रहा है. इस बीच, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला विभिन्न हितधारकों से चर्चा कर सकते हैं ताकि बजट को अधिक प्रभावी और समावेशी बनाया जा सके. सरकार की प्राथमिकता चुनावी गारंटियों को बजट में शामिल करने की होगी.

तीन मार्च से प्रस्तावित है बजट सत्र

सूत्रों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर विधानसभा का बजट सत्र 3 मार्च से बुलाने का प्रस्ताव है. छह वर्षों बाद प्रदेश का वार्षिक बजट पेश किया जाएगा, जिससे यह सत्र काफी महत्वपूर्ण हो जाता है. हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में बजट सत्र बुलाने का प्रस्ताव उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को भेजा गया था. अब विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर कार्य सलाहकार समिति की बैठक बुलाकर बजट सत्र की अवधि तय करेंगे. वित्त विभाग का प्रभार संभाल रहे मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला बजट पेश करने की तिथि भी तय करेंगे.

सरकार की चुनावी गारंटियों को बजट में प्राथमिकता
चुनाव प्रचार के दौरान उमर सरकार ने जनता से कई वादे किए थे, जिनमें प्रमुख रूप से:
योग्य परिवारों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली
आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को 5000 रुपये मासिक सहायता
साल में 12 रसोई गैस सिलेंडर व राशन
कृषि और बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा
तीन लाख नई नौकरियां

पर्यटन और उद्योग क्षेत्र का विकास
सरकार इन चुनावी गारंटियों को प्राथमिकता के आधार पर बजट में शामिल कर सकती है, ताकि जनता को राहत दी जा सके और सरकार की नीतियों को प्रभावी रूप से लागू किया जा सके.

20 हजार करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हाल ही में केंद्रीय वित्त मंत्री और अन्य मंत्रियों से मुलाकात कर जम्मू-कश्मीर के लिए 20 हजार करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग की है. यदि केंद्र सरकार सहमत होती है, तो यह राशि आगामी बजट में किसी न किसी घटक के तहत जारी की जा सकती है.

सरकारी खर्चों में कटौती के निर्देश

बजट की तैयारियों के बीच वित्त विभाग ने प्रशासनिक सचिवों को अनावश्यक खर्चों में कटौती के निर्देश दिए हैं. सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के फिजूलखर्ची पर रोक लगाने के लिए भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं. इससे प्रदेश की आर्थिक स्थिति को संतुलित करने में मदद मिलेगी.

बजट सत्र के दौरान विधानमंडल की कार्य मंत्रणा समिति विभिन्न मुद्दों जैसे उपराज्यपाल के अभिभाषण पर बहस, मंत्रालयों के बजट, अनुदानों और निजी विधेयकों पर चर्चा के लिए समय तय करेगी.

इस बजट को लेकर जनता और राजनीतिक दलों की निगाहें सरकार पर टिकी हुई हैं. अब देखना होगा कि उमर सरकार अपने वादों को पूरा करने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है.

– भारत एक्सप्रेस

Bharat Express Desk

Recent Posts

Harry Boxer Arrested: लॉरेंस गैंग का कुख्यात हैरी बॉक्सर कैलिफोर्निया में गिरफ्तार, भारत लाने की कागजी कार्रवाई शुरू

Bollywood Threats: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कुख्यात गैंगस्टर हैरी बॉक्सर को अमेरिका के कैलिफोर्निया में…

39 minutes ago

अमेरिका से कनाडा तक दिवाली की धूम, जगमग हुए शहर; न्यू जर्सी में रामलीला तो टोरंटो में लगा स्ट्रीट मेला

Diwali Celebration America: अमेरिका और कनाडा के कई शहरों में दिवाली का जश्न धूमधाम से…

50 minutes ago

गुरनूर बरार की कातिलाना गेंदबाजी! दूसरे वनडे में न्यूजीलैंड 134 रन पर ढेर

India Vs New Zealand 2nd ODI: भारत ने हेनरी स्टेडियम में खेले जा रहे दूसरे…

1 hour ago

Ghaziabad Blast में आतंकी कनेक्शन! ‘तहरीक-उल-मुजाहिदीन’ के नाम से वीडियो वायरल, पुलिस और एजेंसियां अलर्ट

Ghaziabad Police Chowki Blast: गाजियाबाद की वसुंधरा पुलिस चौकी में धमाके के बाद सोशल मीडिया…

1 hour ago

मोहम्मद शमी: टेस्ट क्रिकेट ने उन्हें छोड़ दिया, उन्होंने क्रिकेट को नहीं

Mohammed Shami Retirement: मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है.…

2 hours ago