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VB-G RAM G पर पंजाब सरकार का बड़ा ‘यू-टर्न’: खत्म हुआ मनरेगा, क्या मजबूरी में लागू करनी पड़ी केंद्र की ये योजना?

Punjab VB-G RAM G Scheme: पंजाब की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है. केंद्र सरकार की नई योजना VB-G RAM G (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण) का पुरजोर विरोध करने वाली भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने अब पूरी तरह घुटने टेक दिए हैं.

पंजाब सरकार ने इस योजना को पूरे राज्य में लागू करने का फैसला लेते हुए इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है. आगामी 1 जुलाई 2026 से यह योजना पंजाब में पूरी तरह प्रभावी हो जाएगी, जिसे लेकर अब विपक्ष ने ‘आप’ सरकार को उसके यू-टर्न पर घेरना शुरू कर दिया है.

विधानसभा में प्रस्ताव पास कर किया था विरोध(Punjab VB-G RAM G Scheme)

दरअसल, केंद्र सरकार ने कांग्रेस राज में साल 2005 में शुरू हुए ऐतिहासिक महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) को रद्द करके उसकी जगह ‘विकसित भारत@2047’ के विजन के तहत नया ‘VB-G RAM G’ एक्ट लाया था.

विपक्ष शासित पांच राज्यों-कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, झारखंड और पंजाब ने इसका कड़ा विरोध करते हुए मनरेगा को बहाल करने की मांग का प्रस्ताव अपनी-अपनी विधानसभाओं में पारित किया था. पंजाब सरकार का तर्क था कि इस नए एक्ट से गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों और अनुसूचित जाति के मजदूरों पर बुरा असर पड़ेगा. लेकिन अब राजनीति को दरकिनार कर सरकार को इसे चुपचाप लागू करना पड़ा है.

125 दिन के रोजगार की पक्की गारंटी

अधिसूचना के मुताबिक, इस नई योजना के लागू होने के बाद अब पंजाब के ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 100 दिनों के बजाय पूरे 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी दी जाएगी. इसके तहत जल संरक्षण, ग्रामीण बुनियादी ढांचे का विकास, सड़कें, पुल, स्कूल और आंगनवाड़ी भवन बनाने जैसी गतिविधियों को तेज रफ्तार से बढ़ावा दिया जाएगा.

केंद्र सरकार ने इस योजना के सुचारू संचालन के लिए वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में 95,600 करोड़ रुपये से ज्यादा का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है, जिससे मजदूरों के अधिकारों और मजदूरी के भुगतान में कोई रुकावट नहीं आएगी.

‘करोड़ों मजदूरों की रोजी-रोटी का मामला’

इस बड़े बदलाव (Punjab VB-G RAM G Scheme) पर बात करते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भरोसा जताया कि यह योजना देश के मजदूरों के जीवन में एक स्वर्णिम युग की शुरुआत करेगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र ने मनरेगा के तहत पहले ही 30,000 करोड़ रुपये जारी किए थे, जिसे मिलाकर अब कुल फंड 1.25 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है. चौहान ने कहा कि यह सिर्फ योजना का नाम बदलना नहीं है, बल्कि करोड़ों श्रमिकों की जिंदगी को सुरक्षित करना है. 1 जुलाई से सुचारू बदलाव सुनिश्चित होना चाहिए ताकि एक भी मजदूर एक दिन के लिए भी बिना काम के न रहे.

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-भारत एक्सप्रेस

Rohit Agrawal

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