India-US Trade Deal: अमेरिका ने सोमवार (2 फरवरी) को भारत पर लगाए गए टैरिफ में कटौती का अहम फैसला लिया. लंबे समय से चली आ रही व्यापार वार्ता को अमेरिका और भारत ने अंतिम रूप दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है.
इस फैसले पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने गंभीर सवाल उठाए हैं और सरकार को ट्रेड डील, अडानी और एपस्टीन फाइल्स समेत कई मुद्दों पर घेरा है.
राहुल गांधी ने संसद के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए सरकार की ट्रेड डील पर गंभीर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा, “मोदी जी घबराए हुए हैं. जो ट्रेड डील चार महीने से रुकी थी, कुछ बदला नहीं. वो किसी न किसी कारण दबाव में हैं, जो मैं जानता हूं, नरेंद्र मोदी जानते हैं. मोदी जी ने कल शाम उस डील को साइन कर दिया. उन पर भयंकर प्रेशर है.”
कांग्रेस सांसद ने आगे कहा, “नरेंद्र मोदी जी की इमेज का गुब्बारा है, जो हजारों करोड़ रुपए लेकर बनाया गया है, वो फूट सकता है.”
बजट सत्र के दौरान संसद में नेता प्रतिपक्ष को बोलने से रोके जाने पर भी राहुल गांधी ने सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि इतिहास में पहली बार राष्ट्रपति के अभिभाषण पर एलओपी (Leader of Opposition) को बोलने नहीं दिया गया. उन्होंने आगे पीएम मोदी हमाला करते हुए कहा, “यूएस के साथ ट्रेड डील के नाम पर मोदी सरकार ने हिंदुस्तान के किसानों की मेहनत, खून-पसीना दांव पर लगा दिया. यह कोई मजबूरी नहीं थी, यह एर सौदा था.”
राहुल गांधी ने आगे कहा, “सिर्फ आपके नहीं बेचा है, देश को बेचा है. इसीलिए मुझे वहां नहीं बोलने दिया गया. मोदी जी डरे हुए हैं, क्योंकि जिन लोगों ने उनकी इमेज बनाई है अब वो उसे तोड़ने लगे हैं”.
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राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर अंतरराष्ट्रीय दबाव का आरोप लगाते हुए कहा, “अडानी जी पर यूनाइटेड स्टेट में एक केस है, वो मोदी के फाइनेंशियल स्ट्रक्चर का टार्गेट कर रहा है. दूसरा एपस्टीन फाइल है. अडानी पर जो केस है, वो असल में मोदी जी पर केस है. नरेंद्र मोदी पर ये दो प्रेशर प्वाइंट्स है.”
बीजेपी (BJP) सांसद दिलीप सैकिया (Dilip Saikia) ने राहुल गांधी पर देश की जनता को गुमराह करने आरोप लगाया. उन्होंने कहा, “राहुल गांधी का मकसद सिर्फ सदन और देश की जनता को गुमराह करना था. वे यह भी प्रमाणित नहीं कर सके कि सदन में उद्धृत किया गया दस्तावेज वैध था या नहीं. आज कुछ कांग्रेस सांसदों का व्यवहार अनुशासनहीन था. उन्होंने अध्यक्ष का अपमान किया और अध्यक्ष पर कागज फेंकना उचित नहीं है. नियम 3742 के तहत संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एक प्रस्ताव पेश किया और सदन के अध्यक्ष ने प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए इस सत्र के लिए 8 सांसदों को निलंबित कर दिया, जिनमें से 7 कांग्रेस के और 1 सीपीआई (एम) के सांसद हैं.”
-भारत एक्सप्रेस
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