Rajasthan News
रिपोर्ट – विष्णु आशीर्वाद
Rajasthan News: राजस्थान की भजनलाल सरकार भले ही शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और हाल ही में बड़े स्तर पर शिक्षकों के तबादलों कर बेहतर शिक्षा व्यवस्थाओं का दावा कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है.
दौसा जिले के लालसोट ब्लॉक के डीडवाना स्थित स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल विद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी, बजट का अभाव, कर्मचारियों का रुका वेतन और मूलभूत सुविधाओं की बदहाल स्थिति ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सबसे बड़ी चिंता यह है कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के बाद भी विद्यालय में कई महत्वपूर्ण पद खाली पड़े हैं, जिससे 511 विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है.
विद्यालय में फर्स्ट ग्रेड के तीन और सेकंड ग्रेड के चार शिक्षकों के पद लंबे समय से रिक्त हैं. इतना ही नहीं, कंप्यूटर ऑपरेटर का पद भी खाली है, जिससे प्रशासनिक और तकनीकी कार्य बाधित हो रहे हैं. कक्षा 1 से 5 तक 182 विद्यार्थियों के लिए 5 शिक्षकों की आवश्यकता है, लेकिन केवल तीन शिक्षक ही पूरी व्यवस्था संभालने को मजबूर हैं. विद्यालय में कुल 511 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जबकि करीब 50 विद्यार्थी ऑफलाइन अध्ययन कर रहे हैं.
स्थिति इतनी गंभीर है कि विद्यालय में विज्ञान और गणित जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नहीं होने से बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों की चिंता बढ़ गई है. छात्राओं का कहना है कि पढ़ाई के दौरान आने वाली शंकाओं का समाधान नहीं हो पा रहा. यदि जल्द शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई तो मजबूरी में उन्हें विद्यालय छोड़कर अन्यत्र प्रवेश लेना पड़ सकता है.
विद्यालय की आर्थिक स्थिति भी बेहद खराब बताई जा रही है. बजट के सामान्यीकरण के अभाव में बिजली बिल जमा नहीं हो पा रहा और सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हो गई है. विद्यालय में फर्नीचर खरीदने के लिए करीब 5 लाख रुपये का बजट पिछले डेढ़ साल से स्वीकृत होने के बावजूद खर्च नहीं हो सका. आरोप है कि एडीपीसी स्तर पर इस मामले में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है, जिसका खामियाजा सीधे विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है.
इतना ही नहीं, विद्यालय के शिक्षकों को पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिला, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. रोजमर्रा के खर्च चलाना मुश्किल हो गया है, जिससे शिक्षकों का मनोबल भी प्रभावित हो रहा है.
विद्यालय के प्राचार्य ओमप्रकाश महावर ने बताया कि रिक्त पदों को भरने के लिए लालसोट सीबीईओ को कई बार पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला. अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही है.
अभिभावकों का कहना है कि सरकार एक ओर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मॉडल स्कूलों की बात करती है, वहीं दूसरी ओर मॉडल विद्यालय ही शिक्षकों और संसाधनों के अभाव से जूझ रहे हैं. उनका कहना है कि यदि जल्द नियुक्तियां नहीं हुईं और विद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो सबसे बड़ा नुकसान बच्चों के भविष्य को होगा.
ये भी पढ़ें- अमेरिका आएगा तो 2 पैरों पर, लेकिन…ईरान ने दे दी ट्रंप को तगड़ी धमकी, थर्राने लगे ‘अंकल सैम’
प्रदेश के 134 स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल विद्यालयों में शामिल इस विद्यालय की बदहाल स्थिति ने सरकार के शिक्षा सुधार के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब देखना होगा कि सरकार और शिक्षा विभाग कब तक इस शिक्षा के मंदिर की बदहाली दूर कर 511 विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में ठोस कदम उठाते हैं.
-भारत एक्सप्रेस
Asim Munir Maryam Nawaz Secret Date: पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज और पाकिस्तान के सबसे…
Gold Silver Price Today: शारदीय नवरात्र के पावन पर्व (महाष्टमी और महानवमी) के खास मौके…
Train Cancellation: दक्षिण मध्य रेलवे ने मनोहराबाद यार्ड में नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण 22 नवंबर…
भोजपुरी स्टार पवन सिंह ने मुंगेर में एक कार्यक्रम के दौरान अक्षरा सिंह से दिल…
Tiger Shroff Firing Case: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अभिनेता टाइगर श्रॉफ…
बॉलीवुड स्टार्स पर हमले और फायरिंग की घटनाएं लगातार बढ़ते जा रहे हैं. हाल ही…