राजस्थान में ओलावृष्टि
राजस्थान में 3 अप्रैल 2026 को मौसम ने अचानक करवट ली. तपते रेगिस्तान में ओले गिरे और कई जगहों पर जमीन सफेद हो गई. जैसलमेर और बीकानेर में तेज ओलावृष्टि हुई. अजमेर-ब्यावर में तेज आंधी ने काफी नुकसान पहुंचाया.
ओलों ने बनाई बर्फ जैसी चादर
जैसलमेर और बीकानेर के कुछ इलाकों में इतने बड़े-बड़े ओले गिरे कि जमीन पूरी तरह सफेद दिखने लगी. ओले इतने थे कि उन्हें देखकर लग रहा था जैसे बर्फ बिछ गई हो. टोड़ाभीम के तिमावा इलाके में भी भारी ओलावृष्टि हुई. लोग हैरान रह गए.
आंधी-तूफान से उड़े शेड, गिरे पेड़
अजमेर और ब्यावर में तेज आंधी चली. कई जगहों पर टीनशेड उड़ गए और पेड़ गिर गए. हिंडौन के बझेडा इलाके में आंधी-तूफान इतना तेज था कि बिजली गुल हो गई. जयपुर में शाम करीब 5:45 बजे धूलभरी आंधी के साथ बारिश और ओले पड़े.
किसानों पर पड़ा सबसे बड़ा असर
इस अचानक मौसम बदलाव से सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को हुआ. खेतों में खड़ी फसलें ओलों और तेज हवाओं से बर्बाद हो गईं. गेहूं की कटी फसल भी प्रभावित हुई. कई किसान अपनी पुड़ियों को बचाने की कोशिश में लगे रहे. नोखा की मंडी में अनाज भीग गया और व्यापारियों को नुकसान हुआ.
तापमान गिरा, गर्मी से मिली राहत
इस मौसम बदलाव से तापमान में काफी गिरावट आई. लू का असर कम हो गया. लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली. हालांकि यातायात प्रभावित रहा और कुछ इलाकों में लोगों को परेशानी हुई.
मौसम विभाग ने बताया कि अगले कुछ घंटों में मौसम में और बदलाव हो सकता है. कई जिलों जैसे नागौर, सीकर, कुचामन-डीडवाना और जालोर में भी बारिश हुई. लोगों ने कहा कि रेगिस्तान में इतने ओले देखना बहुत अजीब लगा. कुछ ने इसे प्रकृति का करिश्मा बताया तो कुछ ने फसलों के नुकसान पर चिंता जताई. किसानों के चेहरे पर चिंता साफ दिख रही थी.
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