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स्मार्ट पुलिसिंग पर राजस्थान डीजीपी का जोर! अपराधियों से आगे रहने के लिए वैज्ञानिक साक्ष्यों और डिजिटल टूल्स का करें इस्तेमाल

Rajasthan News: राजस्थान के डीजीपी राजीव शर्मा ने पुलिस अधिकारियों से बदलती चुनौतियों के अनुरूप खुद को लगातार अपडेट रखने और तकनीक आधारित पुलिसिंग को अपनाने का आह्वान किया है. उन्होंने कहा कि आज पुलिसिंग का स्वरूप तेजी से बदल रहा है. साइबर अपराध, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सोशल मीडिया और डिजिटल तकनीकों के बढ़ते प्रभाव ने पुलिस के सामने नई तरह की चुनौतियां खड़ी कर दी हैं. ऐसे में अधिकारियों के लिए जरूरी है कि वे अपने ज्ञान, कौशल और तकनीकी दक्षता को लगातार मजबूत करें.

डीजीपी राजीव शर्मा जयपुर स्थित इंटेलीजेंस ट्रेनिंग अकादमी में राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारियों के लिए आयोजित पांच दिवसीय मिड-कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों और इकाइयों से आए 48 आरपीएस अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं.

अपने संबोधन में डीजीपी शर्मा ने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग की सफलता केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, वैज्ञानिक साक्ष्यों के प्रभावी इस्तेमाल और मजबूत अभियोजन पर निर्भर करती है. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जांच के दौरान हर तथ्य का गहराई से विश्लेषण करें और तकनीकी संसाधनों के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करें.

पीड़ितों को न्याय दिलाना उद्वेश्य

डीजीपी ने पीड़ित-केंद्रित पुलिसिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि पुलिस व्यवस्था का उद्देश्य केवल अपराधियों तक पहुंचना नहीं, बल्कि पीड़ितों को न्याय दिलाना भी है. इसके लिए संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई और प्रभावी जांच बेहद जरूरी है.

उन्होंने सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग, संगठित पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने और न्यायालयों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया. डीजीपी ने अधिकारियों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने, नियमित अध्ययन की आदत विकसित करने और कानून व तकनीक में हो रहे नए बदलावों से अपडेट रहने की सलाह दी.

राजीव शर्मा ने आईसीजेएस यानी इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम सहित अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी इस्तेमाल पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि इन तकनीकों की मदद से अपराध अनुसंधान को अधिक वैज्ञानिक, गुणवत्तापूर्ण और तेज बनाया जा सकता है.

मोहन शर्मा ने अतिथियों का किया स्वागत

कार्यक्रम की शुरुआत में इंटेलीजेंस ट्रेनिंग अकादमी के निदेशक प्रदीप मोहन शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया और प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा व उद्देश्यों की जानकारी दी. वहीं, महानिदेशक पुलिस प्रशिक्षण एवं यातायात अनिल पालीवाल ने अधिकारियों को सतत अध्ययन, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और व्यावसायिक दक्षता बढ़ाने के लिए प्रेरित किया.

इस अवसर पर डीजीपी प्रशिक्षण एवं यातायात अनिल पालीवाल, अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस प्रशिक्षण एच.जी. राघवेन्द्र सुहासा, उप महानिरीक्षक पुलिस एवं निदेशक इंटेलीजेंस ट्रेनिंग अकादमी प्रदीप मोहन शर्मा सहित अकादमी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

आरपीएस अधिकारियों को दिया जा रहा प्रशिक्षण

पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान आरपीएस अधिकारियों को साइबर अपराध, आधुनिक जांच तकनीक, डिजिटल साक्ष्य, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, न्यायिक दृष्टिकोण, राष्ट्रीय सुरक्षा, तकनीकी नवाचार और समकालीन पुलिसिंग जैसे अहम विषयों पर विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा.

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कार्यक्रम के अंत में अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस प्रशिक्षण एच.जी. राघवेन्द्र सुहासा ने धन्यवाद ज्ञापित किया.

-भारत एक्सप्रेस

नतांश पटेल

Crime and political journalist with 5+ years of experience, currently serving as Bureau In-Charge, Rajasthan at Bharat Express News Network. Known for leading editorial teams, delivering high-impact interviews, and driving audience growth through sharp content strategy.

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