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राजस्थान में अचानक ढही पत्थर की खदान, मलबे में दबने से एक युवक की हो गई मौत

रिपोर्ट – मोईन ख़ान


Bhinmal Stone Mine Collapse: जालोर जिले के भीनमाल क्षेत्र से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है. भादरड़ा इलाके में मौजूद एक पत्थर की खदान का हिस्सा अचानक ढह गया. हादसे में खदान के पास मौजूद एक युवक भारी मलबे के नीचे दब गया. आसपास के लोगों ने काफी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी.

मृतक की पहचान धनवाड़ा निवासी विक्रम सिंह पुत्र छतर सिंह के रूप में हुई है. घटना के बाद युवक के परिवार में कोहराम मच गया. वही पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है.

कामकाज के दौरान ढह गई खदान

बताया जा रहा है कि खदान में कामकाज के दौरान अचानक पत्थरों और मिट्टी का बड़ा हिस्सा नीचे आ गिरा. वहां मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. विक्रम सिंह मलबे की चपेट में आ गया और उसके नीचे दब गया. हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई.

आसपास मौजूद ग्रामीणों और श्रमिकों ने बिना समय गंवाए बचाव अभियान शुरू किया. ग्रामीणों ने हाथों और छोटे उपकरणों से मलबा हटाकर शव को बाहर निकाला. जिसके बाद एंबुलेंस बुलाकर उसे भीनमाल के राजकीय अस्पताल पहुंचाया. अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है.

प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

हादसे को लेकर सबसे बड़ा सवाल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है. बताया जा रहा है कि घटना के काफी देर बाद तक स्थानीय प्रशासन को इसकी जानकारी ही नहीं थी. इसी कारण मौके पर न तो कोई प्रशासनिक अधिकारी पहुंचा और न ही सरकारी राहत एवं बचाव दल नजर आया.

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पूरा रेस्क्यू अभियान स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर चलाया. ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते सरकारी सहायता पहुंचती तो बचाव कार्य और तेजी से किया जा सकता था.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

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