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सुपारी तस्करी का नेटवर्क ध्वस्त! ईडी की असम और दिल्ली में छापेमारी, बेनामी खातों और ब्लैंक चेक से खुला राज

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने म्यांमार से भारत में अवैध रूप से लाई जा रही सुपारी (अरेका नट) की तस्करी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. एजेंसी ने असम और दिल्ली में एक साथ 10 ठिकानों पर छापेमारी का अंजाम दिया है. इस छापेमारी के दौरान ईडी ने कई अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त किया हैं.

ईडी ने यह कार्रवाई सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर की है. सीबीआई ने गुवाहाटी हाईकोर्ट के आदेश के बाद मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी. आरोप है कि म्यांमार से सुपारी को बिना कस्टम क्लियरेंस के मिजोरम के रास्ते भारत लाया जाता था. इसके बाद फर्जी ई-वे बिल, फर्जी दस्तावेज और GST पंजीकरण का इस्तेमाल कर इसे असम और देश के अन्य राज्यों में बेचा जाता था.

जांच में सामने आया कि वर्ष 2021-22 से 2023-24 के दौरान करोड़ों रुपये के ई-वे बिल जारी किए गए और जोखावथर इस तस्करी का प्रमुख ट्रांजिट प्वाइंट था. ईडी ने तस्करी के तीन स्तरों वाले नेटवर्क का खुलासा किया है.

पहले चरण में म्यांमार के सप्लायर सुपारी को मिजोरम के चंपाई क्षेत्र में मौजूद गोदामों तक पहुंचाते थे. इसके बाद मिजोरम के बिचौलिये इसे असम के कछार, करीमगंज और हैलाकांडी के कारोबारियों और फाइनेंसरों तक पहुंचाते थे. तीसरे चरण में यही कारोबारी सुपारी को दिल्ली, पश्चिम बंगाल, नागपुर और उत्तर प्रदेश समेत देश के कई हिस्सों में बेचते थे. बैंक खातों की जांच में करोड़ों रुपये के लेन-देन का भी पता चला है.

तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की भूमिका की जांच में जुटी ईडी

ईडी के अनुसार जून 2026 में मिजोरम में की गई पहले की कार्रवाई के दौरान मिले सबूतों से इस पूरे नेटवर्क का मनी ट्रेल सामने आया था. मौजूदा छापेमारी के दौरान कई लोगों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने म्यांमार की सुपारी खरीदने के लिए मिजोरम स्थित बिचौलियों को भुगतान किया था. जांच में यह भी सामने आया कि कई बैंक खाते वास्तविक मालिकों की बजाय दूसरे लोगों के नाम पर खोले और संचालित किए जा रहे थे, ताकि तस्करी से मिली रकम को छिपाया जा सके.

छापेमारी के दौरान ईडी ने हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और मोबाइल फोन सहित कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है. एजेंसी का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है.

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-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

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