रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को वर्चुअल माध्यम से लखनऊ में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल उत्पादन यूनिट का आज यानी 11 मई 2025 को उद्घाटन कर दिया है. इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत कई नेता मौजूद रहे.
राजनाथ सिंह ने इस अवसर पर कहा कि मुझे आपसे बात करके बहुत खुशी हो रही है. मैं व्यक्तिगत रूप से इसमें शामिल होना चाहता था, लेकिन आप जानते हैं कि मैं क्यों नहीं आ सका. हम जिस स्थिति का सामना कर रहे हैं, उसे देखते हुए मेरे लिए दिल्ली में रहना महत्वपूर्ण था. इसलिए, मैं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आपसे जुड़ रहा हूं.
इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, आज का दिन, हमारे शहर लखनऊ, हमारे राज्य उत्तर प्रदेश, और हमारे पूरे देश के लिए, एक ऐतिहासिक दिन है. आज का दिन, मैं समझता हूँ, उस शक्ति की आराधना का दिन है, जो हमारी सेनाओं को संबल प्रदान करती है, जो हमारी सेनाओं में निहित होकर दुश्मन पर कहर बरपाती है.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘नेशनल टेक्नोलॉजी डे’ का जिक्र करते हुए कहा, “ब्रह्मोस इंटीग्रेशन और टेस्टिंग सुविधा का उद्घाटन इसलिए खास है, क्योंकि आज नेशनल टेक्नोलॉजी डे है. 11 मई 1998 को, अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में हमारे वैज्ञानिकों ने पोखरण में परमाणु परीक्षण कर भारत की ताकत दुनिया को दिखाई थी. यह उपलब्धि वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, रक्षा कर्मियों और अन्य लोगों के अथक प्रयासों का नतीजा थी. आज का दिन हमारे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के योगदान को सम्मान देने का दिन है.
मुझे अच्छी तरह याद है, जब मैंने इसका शिलान्यास किया था, उस दौरान मैंने यह इच्छा जाहिर की थी, कि जितनी जल्दी हो सके, इस project को पूरा कर किया जाए. मुझे यह देखकर बड़ी ख़ुशी हुई, कि आप लोगों ने मेरी भावनाओं का मान रखा, और महज 40 महीनों में ही इस project को पूरा कर दिखाया. आज हमारे आस-पास जैसी परिस्थितियाँ हैं, उसे देखते हुए यह बेहद जरूरी हो जाता है, कि हम अपने लक्ष्यों को ऐसे ही, समयबद्ध तरीके से पूरा करते रहें.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘नेशनल टेक्नोलॉजी डे’ का जिक्र करते हुए कहा, “ब्रह्मोस इंटीग्रेशन और टेस्टिंग सुविधा का उद्घाटन इसलिए खास है, क्योंकि आज नेशनल टेक्नोलॉजी डे है. 11 मई 1998 को, अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में हमारे वैज्ञानिकों ने पोखरण में परमाणु परीक्षण कर भारत की ताकत दुनिया को दिखाई थी. यह उपलब्धि वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, रक्षा कर्मियों और अन्य लोगों के अथक प्रयासों का नतीजा थी. आज का दिन हमारे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के योगदान को सम्मान देने का दिन है.
मैं, DRDO, हमारे Scientists, हमारे Engineers और इस project से जुड़े हर व्यक्ति और संस्था को हृदय से बधाई देता हूँ. आप लोगों ने दिन-रात मेहनत करके, इस integration and testing facility को खड़ा किया है. देश भर के Scientists, Engineers और युवाओं का contribution, हमें इस facility centre में देखने को मिला है. मैं आपकी मेहनत और लगन को नमन करता हूँ.
इस मौके पर, मैं उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री, श्री योगी आदित्यनाथ जी का विशेष आभार प्रकट करता हूँ. यदि इतने कम समय में, ब्रह्मोस की integration and testing facility की स्थापना हो सकी, तो इसके पीछे योगी जी का बहुत बड़ा योगदान है. दरअसल, लखनऊ में नई ब्रह्मोस मिसाइल उत्पादन फैसिलिटी शुरू हुई है, जो भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता को मजबूत करेगी। यह यूनिट प्रतिवर्ष 80 से 100 ब्रह्मोस मिसाइलें बनाएगी.
300 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस यूनिट में ब्रह्मोस मिसाइल बनाई जाएगी, जो 290-400 किमी की रेंज और 2.8 मैक की गति से सटीक हमला कर सकती है. यह मिसाइल भारत के डीआरडीओ और रूस के एनपीओ मशीनोस्ट्रोयेनिया के संयुक्त उद्यम, ब्रह्मोस एयरोस्पेस द्वारा विकसित की गई है. इसे जमीन, समुद्र या हवा से लॉन्च किया जा सकता है और यह “फायर एंड फॉरगेट” सिस्टम पर काम करती है.
-भारत एक्सप्रेस
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