RSS प्रमुख मोहन भागवत.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत अपने 10 दिवसीय दौरे पर पश्चिम बंगाल पहुंचे हैं. इस दौरे के दौरान वह संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समाज के विभिन्न वर्गों से मुलाकात करेंगे. पश्चिम बंगाल में RSS की गतिविधियों को और मजबूत करने के उद्देश्य से इस दौरे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
मोहन भागवत का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब बंगाल में RSS और भाजपा संगठन अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं. इस दौरान वह संघ के विस्तार, हिंदुत्व से जुड़े मुद्दों, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे विषयों पर चर्चा करेंगे. RSS प्रमुख इस दौरान संघ कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ पदाधिकारियों से बैठक करेंगे, शाखाओं का निरीक्षण करेंगे और समाज के प्रतिष्ठित लोगों से संवाद करेंगे. इसके अलावा, वह राष्ट्रीय और सांस्कृतिक मुद्दों जैसे हिंदुत्व, धर्मांतरण, सीमा सुरक्षा और बंगाल की राजनीतिक-सामाजिक स्थिति पर भी चर्चा करेंगे.
RSS पिछले कुछ वर्षों से पश्चिम बंगाल में अपने संगठन को तेजी से विस्तार देने में जुटा हुआ है. संघ की शाखाओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और संगठन सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों के जरिए जनता से जुड़ने का प्रयास कर रहा है. बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठ, धर्मांतरण, हिन्दू समाज की सुरक्षा और सामाजिक समरसता जैसे मुद्दों पर RSS लगातार सक्रिय है.
मोहन भागवत का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिम बंगाल में TMC और भाजपा के बीच राजनीतिक खींचतान जारी है. हालांकि, RSS खुद को एक सांस्कृतिक और सामाजिक संगठन बताता है, लेकिन बंगाल में इसके बढ़ते प्रभाव को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है. भाजपा के लिए बंगाल हमेशा एक महत्वपूर्ण राज्य रहा है, लेकिन 2021 के विधानसभा चुनावों में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने के बाद संगठन की रणनीति को पुनर्गठित किया जा रहा है. RSS का यह दौरा भाजपा के जमीनी कार्यकर्ताओं को मजबूती देने और हिंदुत्व की विचारधारा को धार देने के रूप में भी देखा जा सकता है.
बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठ और जबरन धर्मांतरण जैसे मुद्दे हमेशा से चर्चा में रहे हैं. संघ इन मुद्दों को राष्ट्रहित और सुरक्षा से जोड़कर देखता है और इन्हें लेकर समाज में जागरूकता फैलाने का प्रयास करता है. माना जा रहा है कि मोहन भागवत इस दौरे के दौरान इन विषयों पर संघ के कार्यकर्ताओं को विशेष दिशा-निर्देश देंगे.
पिछले कुछ वर्षों में बंगाल में संघ की गतिविधियों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. संघ के कार्यक्रमों में युवाओं और शिक्षित वर्ग की भागीदारी भी बढ़ी है. माना जा रहा है कि मोहन भागवत इस दौरे के जरिए संघ के नेटवर्क को और मजबूत करने की कोशिश करेंगे.
मोहन भागवत का यह 10 दिवसीय दौरा पश्चिम बंगाल में संघ की गतिविधियों और उसकी रणनीति के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है. इस दौरे के जरिए वह संघ कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने, सामाजिक समरसता पर चर्चा करने और हिंदुत्व से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता फैलाने का प्रयास करेंगे. वहीं, इस दौरे को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि संघ के प्रभाव का सीधा असर भाजपा की राजनीतिक स्थिति पर भी पड़ सकता है.
-भारत एक्सप्रेस
दिवाली और छठ पूजा के दौरान यात्रियों की भीड़ को देखते हुए कई प्रमुख ट्रेनों…
PM Modi Subhashit: पीएम मोदी ने संस्कृत सुभाषित साझा कर चुनौतियों का सामना करने और…
Tamil Nadu Jail Break news: तमिलनाडु के थेनी जिले में जेल से 17 कैदियों के…
निवेशकों के लिए बड़ी खुशखबरी! जियो प्लेटफॉर्म्स के मेगा आईपीओ में शेयरों का अलॉटमेंट फाइनल…
Gold Silver Rate Today 27 October: 27 अक्टूबर को सर्राफा बाजार में सोने की कीमत…
उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक की विधान परिषद की 28 सीटों के चुनाव परिणामों…