नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय के शिवाजी कॉलेज में पूरे सितंबर चले हिंदी माह 2026 का बुधवार, 30 सितंबर को समापन हो गया. इस मौके पर कॉलेज के पेशवा बाजीराव सभागार में समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया. कार्यक्रम में कॉलेज के प्राचार्य प्रो. वीरेंद्र भारद्वाज मुख्य रूप से मौजूद रहे, जबकि प्रसिद्ध लेखिका नासिरा शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं.
हिंदी माह का आयोजन 1 से 30 सितंबर तक कॉलेज की राजभाषा समिति और बी.ए. प्रोग्राम विभाग की ओर से संयुक्त रूप से किया गया. पूरे महीने हिंदी को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों व शिक्षकों को साहित्यिक तथा रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए कई कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं.
समापन समारोह की शुरुआत सरस्वती वंदना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई. इसके बाद वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया गया और मंच पर मौजूद अतिथियों का स्वागत किया गया. राजभाषा संयोजक डॉ. तरुण ने हिंदी माह के दौरान आयोजित कार्यक्रमों और गतिविधियों का विस्तृत प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किया. उन्होंने पूरे आयोजन की प्रमुख उपलब्धियों और कार्यक्रमों की जानकारी साझा की.
प्राचार्य प्रो. वीरेंद्र भारद्वाज ने हिंदी माह के सफल आयोजन के लिए राजभाषा समिति, बी.ए. प्रोग्राम विभाग और आयोजन से जुड़े सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि हिंदी महज संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक चेतना और अपनी बात को प्रभावी ढंग से रखने का एक मजबूत जरिया भी है.
उन्होंने लेखिका नासिरा शर्मा के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अलग-अलग देशों में सांस्कृतिक संवाद और संचार को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. प्राचार्य ने कॉलेज में हिंदी के अधिक से अधिक इस्तेमाल के साथ साहित्य और रचनात्मक गतिविधियों को लगातार प्रोत्साहित करने की जरूरत पर भी जोर दिया.
समारोह की विशिष्ट अतिथि और प्रसिद्ध लेखिका नासिरा शर्मा ने अपने संबोधन में हिंदी के प्रति प्रेम और सम्मान की बात कही. उन्होंने कहा कि हिंदी को सिर्फ साहित्य या किसी औपचारिक कार्यक्रम से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए. यह हमारे रोजमर्रा के जीवन, बातचीत और सामाजिक व्यवहार का भी अहम हिस्सा है.
उन्होंने हिंदी साहित्य की समृद्ध परंपरा और आम लोगों के बीच इसके व्यापक इस्तेमाल का जिक्र करते हुए विद्यार्थियों से भाषा को सहज रूप से अपनाने की अपील की. उनका कहना था कि हिंदी के प्रति लगाव केवल हिंदी दिवस या हिंदी माह जैसे आयोजनों तक सीमित नहीं होना चाहिए. भाषा का असली महत्व तभी सामने आता है, जब वह हमारे रोजमर्रा के संवाद और व्यवहार का हिस्सा बने.
कार्यक्रम के दौरान हिंदी माह के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया. रचनात्मक लेखन प्रतियोगिता में राजनीति विज्ञान विभाग की डॉ. धारा सिंह कुशवाहा को प्रथम पुरस्कार मिला. इतिहास विभाग के श्री स्कंद प्रिय ने दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि राजनीति विज्ञान विभाग के डॉ. मोहन कुमार को तृतीय पुरस्कार दिया गया.
इसके अलावा वाणिज्य विभाग की डॉ. योगिता नेगी और वनस्पति विज्ञान विभाग की डॉ. सीमा तलवार को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए. पुरस्कार मिलने पर प्रतिभागियों और विजेताओं का उत्साह भी देखने को मिला.
कार्यक्रम के अंत में बी.ए. प्रोग्राम के प्रभारी स्कंद प्रिय ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया.
भोजनावकाश के बाद कार्यक्रम का सांस्कृतिक हिस्सा शुरू हुआ. रिवर्ब की ओर से गजल की मनमोहक प्रस्तुति दी गई, जिसने समारोह में मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा. इसके बाद कॉलेज के कुलगीत के गायन के साथ हिंदी माह 2026 के समापन समारोह का औपचारिक रूप से समापन हुआ.
ये भी पढ़ें- ‘पड़ोसी को बाप, भैया को सैंया’ बाबा बागेश्वर के बयान पर पंजाब में बवाल, शाही इमाम ने दे दिया अल्टीमेटम
-भारत एक्सप्रेस
CAQM Pollution Action Plan: दिल्ली-NCR में सर्दी आते ही प्रदूषण का ग्राफ बढ़ जाता है,…
भारत में बड़े राज्यों के आकार और प्रशासनिक क्षमता को लेकर बहस लंबे समय से…
Flydubai Flight Cockpit Fight: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट में…
Sanskar Bharati Art Exhibition: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में संस्कार भारती द्वारा आयोजित पांच दिवसीय 'रंगमंजूषा'…
Lalan Singh On Sonia Gandhi: सोनिया गांधी के कथित बयान पर JDU नेता और केंद्रीय…
दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव को चुनौती देने वाली NSUI…