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Hindi Literature

शिवाजी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय की राजभाषा समिति एवं बी.ए. प्रोग्राम विभाग के संयुक्त तत्त्वावधान में हिंदी माह 2026 (1–30 सितंबर) के अंतर्गत आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला के समापन अवसर पर 30 सितंबर 2026 को पेशवा बाजीराव सभागार में हिंदी माह 2026 का समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया.

Hindi Literature: विश्व प्रसिद्ध आरती 'ओम जय जगदीश हरे' के रचयिता पंडित श्रद्धाराम फिल्लौरी न केवल एक धार्मिक रचनाकार थे, बल्कि उन्होंने हिंदी के आरंभिक उपन्यासों में से एक 'भाग्यवती' लिखकर साहित्य और समाज सुधार को एक नई दिशा दी.

रामधारी सिंह ‘दिनकर’ हिंदी साहित्य के उन महान कवियों में गिने जाते हैं, जिन्होंने अपनी ओजपूर्ण लेखनी से वीर रस को नई पहचान दी.

भारत जैसे बहुभाषी और बहुसांस्कृतिक राष्ट्र में एकता की सबसे मजबूत कड़ी भाषा और संस्कृति का सकारात्मक संवाद है. आज जब कुछ राष्ट्र-विरोधी तत्त्व राजनीतिक लाभ के लिए हिंदी विरोध को दक्षिण भारत में फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, तब क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देते हुए हिंदी को सेतु भाषा के रूप में मजबूत करने की आवश्यकता और बढ़ गई है.

भारतेंदु हरिश्चंद्र हिंदी साहित्य के उन साहित्यकारों में शामिल हैं, जिन्होंने साहित्य को समाज और देश की चिंताओं से जोड़ा है. 9 सितंबर 1850 को काशी में जन्मे भारतेंदु ने नाटक, कविता, पत्रकारिता और निबंध के माध्यम से अपने समय की सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक समस्याओं को आवाज दी.

कन्नड़ लेखिका बानू मुश्ताक़ की चर्चित कहानी-पुस्तक ‘हृदय दीप तथा अन्य चयनित कहानियां’ अब हिंदी पाठकों के बीच है.

समैंथा हार्वी के बुकर पुरस्कार विजेता उपन्यास ‘ऑर्बिटल’ के हिंदी अनुवाद को वैली ऑफ वर्ड्स बुक अवॉर्ड्स 2026 में सम्मान मिला है.

महाकवि कालिदास संस्कृत साहित्य के शिखर पुरुष हैं. अभिज्ञानशाकुन्तलम्, मेघदूत, रघुवंश और कुमारसंभव जैसी कालजयी रचनाओं के रचयिता के रूप में वे विश्व साहित्य में भी प्रतिष्ठित हैं.

Maithili Sharan Gupt Jayanti: राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की जयंती पर जानिए उनकी अमर कृति 'भारत-भारती', प्रसिद्ध पंक्तियां, साहित्यिक योगदान और भारतीय सांस्कृतिक चेतना में उनकी भूमिका.

हिंदी साहित्य में कुछ किताबें ऐसी होती हैं जो सिर्फ कहानी नहीं सुनातीं, बल्कि पाठक को सोचने का एक नया नजरिया भी देती हैं. पत्रकार और लेखक अंशुमान तिवारी की नई पुस्तक ‘विक्टर और वेताल 2.0’ इसी तरह का एक अलग और दिलचस्प प्रयोग है.