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शिवाजी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय की राजभाषा समिति एवं बी.ए. प्रोग्राम विभाग के संयुक्त तत्त्वावधान में हिंदी माह 2026 (1–30 सितंबर) के अंतर्गत आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला के समापन अवसर पर 30 सितंबर 2026 को पेशवा बाजीराव सभागार में हिंदी माह 2026 का समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया.

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) को राजभाषा के प्रयोग एवं प्रभावी कार्यान्वयन के लिए भारत सरकार के प्रतिष्ठित राजभाषा कीर्ति पुरस्कार (प्रथम पुरस्कार) से लगातार दूसरी बार सम्मानित किया गया है.

भारत जैसे बहुभाषी और बहुसांस्कृतिक राष्ट्र में एकता की सबसे मजबूत कड़ी भाषा और संस्कृति का सकारात्मक संवाद है. आज जब कुछ राष्ट्र-विरोधी तत्त्व राजनीतिक लाभ के लिए हिंदी विरोध को दक्षिण भारत में फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, तब क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देते हुए हिंदी को सेतु भाषा के रूप में मजबूत करने की आवश्यकता और बढ़ गई है.

South India Hindi History: दक्षिण भारत में हिंदी का प्रवेश किसी राजनीतिक फरमान से नहीं, बल्कि आजादी के आंदोलन, भक्ति साहित्य और व्यापारिक जरूरतों से हुआ. जानिए स्वतंत्रता संग्राम से लेकर दूरदर्शन के दौर तक दक्षिण में हिंदी के प्रसार की वास्तविक कहानी.

14 सितंबर को 74वां राष्ट्रीय हिंदी दिवस मनाया जा रहा है. हिंदी अब साहित्य और भावनाओं तक सीमित नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी, कारोबार और डिजिटल दुनिया में भी अपनी मजबूत जगह बना रही है.

हिंदी को भारत में शोधपरक विस्तार देने में अहम भूमिका निभाने वाला एक प्रमुख नाम विदेशी मूल का ही है. फादर कामिल बुल्के का जीवन भारतीय भाषा, विशेषकर हिंदी के प्रति गहरे प्रेम और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है.

Dinesh Sharma In Gujarat: वड़ोदरा, गुजरात में सूर्यकांत एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट एवं गुजराती बोल समाचार पत्र के संयुक्त तत्वाधान में हिंदी सम्मेलन एवं सूर्यकांत अवार्ड कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में यूपी के पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा पहुंचे.

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- हिंदी ने राष्ट्र को भाषाई एकता दी है. 14 सितंबर को गांधीनगर में पांचवें अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में विद्वानों से संवाद होगा. हिंदी को मजबूत करने का प्रयास होगा.

HM Amit Shah on Hindi language: अमित शाह ने हिंदी समेत स्‍थानीय भाषाओं को बढ़ावा देने का आह्वान किया. उन्‍होंने कहा- हिंदी सभी भाषाओं की सखी है. सरकारी कामकाज और उच्च शिक्षा में स्थानीय भाषाओं का इस्तेमाल बढ़ेगा.

महाराष्ट्र में तीसरी भाषा के रूप में हिंदी को अनिवार्य किए जाने के फैसले का मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने कड़ा विरोध किया है. उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि जबरन हिंदी थोपने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मराठी भाषा का सम्मान हर हाल में बरकरार रहना चाहिए.