भारत के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 17 मार्च को नई दिल्ली के कृषि भवन में जीईएस फाउंडेशन के सीईओ बिल गेट्स से मुलाकात की. इस मुलाकात में उन्होंने कृषि, ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की. इस सहयोग का उद्देश्य वैश्विक खाद्य सुरक्षा, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और समावेशी विकास में महत्वपूर्ण चुनौतियों का समाधान करना है.
बैठक के दौरान मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि अनुसंधान और टेक्नोलॉजी में भारत की प्रगति पर प्रकाश डाला. उन्होंने जीईएस फाउंडेशन के साथ सहयोग और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया, विशेष रूप से डिजिटल कृषि, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और जलवायु-लचीली खेती पर ध्यान केंद्रित किया. उन्होंने इन क्षेत्रों में देश की बढ़ती प्रगति की ओर ध्यान आकर्षित किया, जिसमें स्थानीय कृषि उत्पादकता और स्थिरता को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया.
गेट्स ने कृषि अनुसंधान में भारत की प्रगति को स्वीकार किया और वैश्विक समुदाय को लाभ पहुंचाने की इसकी क्षमता पर ध्यान दिलाया.
चर्चा के प्रमुख विषयों में से एक ‘खाद्य सुरक्षा में सुधार के लिए भारत के प्रयास’ थे. शिवराज सिंह चौहान ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपनी नीतियों को एक लचीली खाद्य प्रणाली बनाने के लिए समर्पित किया है. कृषि के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए चल रहे प्रयासों पर भी चर्चा की गई, जिसमें शिवराज सिंह ने भारत के ग्रामीण महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों की सफलता पर प्रकाश डाला, जिसने जीवन को बदल दिया है.
शिवराज सिंह ने समावेशी विकास के लिए वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई. भारत का “वसुधैव कुटुम्बकम” (दुनिया एक परिवार है) का दर्शन इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और समावेशी विकास मॉडल के माध्यम से सबसे कमजोर और हाशिए पर पड़े समुदायों को ऊपर उठाने के लिए अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ काम करने के उसके प्रयासों के अनुरूप है.
गेट्स ने इस बात पर जोर दिया कि साझेदारी के माध्यम से भारत और जीईएस फाउंडेशन वैश्विक स्तर पर स्थायी खाद्य सुरक्षा और जलवायु अनुकूलन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं.
चर्चा में कृषि में टेक्नोलॉजी की भूमिका, विशेष रूप से डिजिटल खेती तकनीक और उपग्रह-संचालित डेटा विश्लेषण पर भी ध्यान केंद्रित किया गया. गेट्स ने भारत की अत्याधुनिक तकनीकों को लागू करने की क्षमता पर विश्वास व्यक्त किया जो अन्य देशों के लिए एक मॉडल के रूप में काम कर सकती हैं, विशेष रूप से जलवायु-अनुकूल कृषि समाधान प्रदान करने में.
दोनों नेताओं ने भारत-जीईएस फाउंडेशन के बीच सहयोग की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला, खास तौर पर जैव प्रौद्योगिकी, टिकाऊ खेती की तकनीक और जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीलापन के क्षेत्रों में. मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बात पर जोर दिया कि भारत का कृषि विकास किसानों की आजीविका को बढ़ाने के साथ-साथ दुनिया को भोजन उपलब्ध कराने में योगदान दे सकता है.
बैठक में खाद्य सुरक्षा, ग्रामीण विकास और टिकाऊ खेती की चुनौतियों से निपटने में वैश्विक भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया गया. जीईएस फाउंडेशन के समर्थन से भारत का लक्ष्य कृषि नवाचार का केंद्र बनना है, जिससे न केवल देश को बल्कि वैश्विक समुदाय को भी लाभ हो.
इस मुलाकात में कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, बिल गेट्स, जीईएस फाउंडेशन के प्रतिनिधि, कृषि मंत्रालय के अधिकारी, ग्रामीण विकास प्राधिकरण और अन्य प्रमुख हितधारक शामिल हुए.
-भारत एक्सप्रेस
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