Sikar News
रिपोर्ट – राहुल टाँक, सीकर
Sikar News: राजस्थान के सीकर जिले की महिला किसान संतोष पचार ने गाजर के बीज उत्पादन में अपनी अलग पहचान बनाकर मिसाल पेश की है. झींगर बड़ी गांव की रहने वाली संतोष पिछले 15 वर्षों से देसी लाल और काली गाजर के उच्च गुणवत्ता वाले बीज तैयार कर रही हैं. उनके बीजों की मांग राजस्थान समेत देश के 15 से अधिक राज्यों में है.
संतोष पचार 13 बीघा भूमि में गाजर के बीज उत्पादन करती हैं. हर वर्ष 18 से 20 क्विंटल बीज का उत्पादन होता है, जिसकी बाजार में कीमत करीब 1100 रुपये प्रति किलो है. खेती पर 3 से 5 लाख रुपये खर्च आने के बाद उन्हें सालाना 30 से 35 लाख रुपये तक का शुद्ध मुनाफा होता है.
गाजर के बीज उत्पादन की प्रक्रिया सामान्य खेती से अलग है. पहले उच्च गुणवत्ता वाली गाजरों का चयन किया जाता है, फिर उन्हें दोबारा खेत में लगाकर बीज तैयार किए जाते हैं. बीजों की शुद्धता बनाए रखने के लिए लाल और काली गाजर की फसलों के बीच करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी रखी जाती है.
संतोष बताती हैं कि उन्होंने सन 2000 से गाजर की खेती करना शुरू किया. कुछ ही सालों के बाद उन्हें छोटे-छोटे पुरस्कारों से सम्मानित किया जाने लगा.
संतोष पूरी तरह जैविक खेती को बढ़ावा देती हैं. चयन विधि के जरिए उन्होंने एकरूप और चार फीट तक लंबी गाजर विकसित करने में भी सफलता हासिल की है.
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गाजर बीज उत्पादन में उत्कृष्ट योगदान के लिए संतोष पचार को वर्ष 2013 और 2017 में राष्ट्रपति पुरस्कार सहित कई राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तरीय सम्मान मिल चुके हैं. उनकी सफलता आज देशभर के किसानों, विशेषकर महिला किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है.
-भारत एक्सप्रेस
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