दिल्ली के तीन स्कूलों को एक बार फिर बम धमकी का सामना करना पड़ा है. सुबह 4:30 बजे एक फोन कॉल के माध्यम से यह धमकी दी गई थी. धमकी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर तुरंत पहुंची और जांच शुरू की. इसके साथ ही, धमकी को ई-मेल के माध्यम से भी भेजा गया था. हालांकि, अब तक की जांच में कोई संदिग्ध गतिविधि सामने नहीं आई है.
जिन छह स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है, उनमें भटनागर पब्लिक स्कूल (पश्चिम विहार), कैम्ब्रिज स्कूल (श्रीनिवासपुरी), डीपीएस (ईस्ट ऑफ कैलाश), साउथ दिल्ली पब्लिक स्कूल (डिफेंस कॉलोनी), दिल्ली पुलिस पब्लिक स्कूल (सफदरजंग एन्क्लेव), वेंकटेश पब्लिक स्कूल शामिल हैं.
पुलिस ने बताया कि अब इस मामले में एसओपी का पालन कर रहे हैं. साथ ही स्कूलों को मिले मेल के संबंध में भी हम जानकारी ले रहे हैं. बता दें कि दिल्ली में शुक्रवार को एक बार फिर से स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया. इस ईमेल में कहा गया है, “हम आपको यह सूचित कर रहे हैं कि आपके स्कूल परिसर में कई विस्फोटक सामग्री लगाईं जा चुकी हैं. हमें बहुत ही अच्छे से पता है कि आप अपने स्कूल में प्रवेश करने वाले बच्चों के बैग की जांच नहीं करते हैं.”
ई-मेल में आगे कहा गया है, ” विस्फोटक स्कूल सहित आसपास के लोगों को नुकसान पहुंचाने की अपने अंदर पर्याप्त क्षमता रखता है. इसके अलावा, हमें यह जानकारी मिली है कि आज से 14 दिसंबर तक, यानी कल, दोनों दिनों में, एक अपेक्षित पैरेंट्स टीचर मीटिंग (पीटीएम) और खेल दिवस पर मार्च भी होने वाला है. इस एक्टिविटी में एक सीक्रेट डार्क वेब ग्रप शामिल है और कई रेड रूम भी हैं. बम इमारतों को नष्ट करने और लोगों को नुकसान पहुंचाने के लिए पर्याप्त हैं.”
जो स्कूल इस धमकी का शिकार हुए हैं, उनमें दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित डीपीएस, सलवान स्कूल, और कैंब्रिज स्कूल शामिल हैं. पुलिस ने बताया कि फिलहाल इन स्कूलों में कोई खतरनाक वस्तु या संदिग्ध सामान नहीं मिला है. धमकी में ई-मेल के जरिए कहा गया था कि “हमने आपके स्कूल में विस्फोटक सामग्री रखी है और आप नियमित रूप से छात्रों के बैग की जांच नहीं करते. हम एक गुप्त डार्क वेब ग्रुप के सदस्य हैं, जो इन धमकियों को अंजाम दे रहा है. बम स्कूल की इमारतों को नष्ट करने और लोगों को नुकसान पहुंचाने के लिए पर्याप्त हैं.”
इस धमकी में यह भी कहा गया था कि स्कूलों में 13 और 14 दिसंबर को होने वाली पेरेंट्स-टीचर मीटिंग्स के दौरान बम धमाका किया जाएगा. ई-मेल में यह दावा भी किया गया कि एक स्कूल में खेल दिवस के दौरान बड़ी भीड़ इकट्ठी होगी, जिससे धमाके से ज्यादा नुकसान हो सकता है.
यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली के स्कूलों को इस तरह की धमकियां मिली हैं. कुछ समय पहले दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र के 40 से ज्यादा स्कूलों को भी इसी तरह की धमकियां प्राप्त हुई थीं. 8 दिसंबर को इन स्कूलों के पास एक ई-मेल आई थी, जिसमें कहा गया था कि कैंपस में बम लगाए गए हैं और यदि ये बम फटे तो बड़ा नुकसान होगा. मेल भेजने वाले ने बम को न फोड़ने के बदले 30 हजार डॉलर की रकम मांगी थी.
दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लिया था और 14 नवंबर को इस पर सुनवाई की थी. कोर्ट ने दिल्ली सरकार और संबंधित विभागों को इस तरह की धमकियों से निपटने के लिए एक विस्तृत योजना और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने का निर्देश दिया था. इसे लागू करने के लिए 8 हफ्तों की समय सीमा तय की गई थी.
-भारत एक्सप्रेस
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