केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 विजन के लक्ष्य को हासिल करने में कौशल विकास की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी. शहरी आवासन मंत्रालय की ओर से सीपीडब्ल्यूडी द्वारा कुशल श्रमिकों की संख्या इस वर्ष 10 हजार से बढ़ाकर 25 हजार करने का लक्ष्य रखा गया है. इसी कड़ी में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग द्वारा नई दिल्ली स्थित कस्तूबा नगर में कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत केंद्रीय आवासन मंत्री द्वारा श्रमिकों को कौशल प्रमाण पत्र वितरित किए गए.
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि देश की प्रमुख निर्माण एजेंसी के तौर पर सीपीडब्ल्यूडी ने निर्माण क्षेत्र में स्किल गैप को दूर करने की दिशा में एक सक्रिय पहल की है. 40 ‘श्रमिकों’ ने माईवैन शटरिंग सिस्टम में 80 घंटे का कौशल विकास प्रशिक्षण का प्रशिक्षण दिया गया है.
उन्होंने कहा कि कुशल श्रमिकों की कमी अक्सर बुनियादी ढांचे के विकास की गुणवत्ता व गति को प्रभावित करती है. जमीनी स्तर पर संरचित प्रशिक्षण लाने और इसे राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन के साथ जोड़ने के सीपीडब्ल्यूडी के प्रयासों की सराहना की. निर्माण उद्योग को वांछित गुणवत्ता मानकों को प्राप्त करने के लिए विशेष रूप से कुशल श्रमिकों की आवश्यकता होती है. सीपीडब्ल्यूडी ने इस कौशल अंतर को दूर करने के लिए एक सक्रिय दृष्टिकोण अपनाया है.
केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने घोषणा कि अब ठेकेदारों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे 10,000 करोड़ से अधिक लागत वाली परियोजनाओं में कम से कम 20 प्रतिशत प्रमाणित कुशल श्रमिकों को काम पर रखें या उन्हें साइट पर औपचारिक प्रशिक्षण प्रदान करें.
राष्ट्रीय रियल एस्टेट विकास परिषद के सहयोग से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम, श्रमिकों को सहायक शटरिंग बढ़ई (एल्यूमीनियम शटरिंग) के रूप में प्रमाणित करता है. चरण-I के तहत इसी तरह की पहल ने पहले लगभग 40 श्रमिकों को सहायक राजमिस्त्री के रूप में प्रमाणित किया था.
-भारत एक्सप्रेस
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