देश

वक्फ संशोधित कानून 2025 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने कुछ प्रावधानों पर लगाया आंशिक रोक

SC On Waqf Law: वक्फ संशोधित कानून 2025 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने कुछ प्रावधानों पर आंशिक रोक लगा दिया है. सीजेआई बी आर गवई, जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर की पीठ ने यह फैसला सुनाया है. गैर मुस्लिम पांच साल बाद ही संपत्ति को दान कर सकता है. उसपर कोर्ट ने रोक लगा दिया है.

11 सदस्यों में से सिर्फ तीन सदस्य ही गैर होंगे मुस्लिम

कोर्ट ने कहा कि 11 सदस्यों में से सिर्फ तीन सदस्य ही गैर मुस्लिम होंगे. कोर्ट ने यह भी कहा है कि कलेक्टर फिलहाल तय नही कर सकते हैं कि कौन सी संपत्ति वक्फ की है और कौन सी नहीं. पहले ट्रिब्यूनल और हाई कोर्ट तय करेगा. उसके बाद कलेक्टर के पास मामला जाएगा.

विवाद के तीन प्रमुख मुद्दे

22 मई को कोर्ट ने तीन दिन तक चली सुनवाई के बाद अंतरिम आदेश को लेकर फैसला सुरक्षित रख लिया था. इस विवाद के तीन प्रमुख मुद्दे हैं, जिन पर याचिककर्ताओ ने रोक लगाने की मांग की गई है. पहला मुद्दा उन संपत्तियों को अधिसूचित करने की शक्ति से संबंधित है, जिन्हें अदालतों द्वारा उपयोग के आधार पर या डीड द्वारा वक्फ घोषित किया गया है. दूसरा मुद्दा राज्य वक्फ बोर्ड और केंद्रीय वक्फ परिषद की संरचना से जुडा है, जहां याचिककर्ताओ की दलील है कि पदेन सदस्यों को छोड़कर केवल मुस्लिम ही होने चाहिए. तीसरा मुद्दा एक प्रावधान से।संबंधित है जो कहता है कि जब कलेक्टर यह जांच करेगा कि कोई संपत्ति सरकारी भूमि है या नहीं, तो उसे वक्फ संपत्ति नहीं माना जाएगा.

कोई कहीं भी रहे इस्लाम तो इस्लाम ही रहेगा- एजी मसीह

मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस एजी मसीह ने कहा था कि कोई कहीं भी रहे इस्लाम तो इस्लाम ही रहेगा. जस्टिस मसीह ने यह बात तब कही जब केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि ट्राइबल एरिया में रहने वाला अनुसूचित जनजाति का मुस्लिम समुदाय इस्लाम का उस तरह पालन नहीं करता है, जैसे देश के बाकी हिस्सों में किया जाता है.

वक्फ घोषित कर देने से सरकार का अधिकार खत्म नहीं हो जाता

एसजी मेहता ने कहा था कि अगर जमीन सरकारी है तो उसे वक्फ घोषित कर देने से सरकार का अधिकार खत्म नही हो जाता है. उन्होनें कहा था कि मैं आदिवासियों की जमीन नहीं खरीद सकता क्योंकि राज्य कानून इसकी इजाजत नही देता है. एसजी मेहता ने कहा था कि वक्फ का मतलब होता है खुदा के लिए स्थाई समर्पण. उन्होंने कहा था कि जेपीसी का कहना है कि इन ट्राइबल एरिया में रहने वाला मुस्लिम देश के बाकी हिस्सों में रह रहे मुसलमानों की तरह इस्लाम का पालन नहीं करते हैं, उनकी अपनी सांस्कृतिक पहचान है. एसजी मेहता ने कहा था कि वक्फ बनाना और वक्फ को दान देना दो अलग प्रक्रियाएं हैं.

ये भी पढ़ें: दिल्ली हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला, गुजारा भत्ता पाने के लिए पत्नी को आय की कमी दर्शानी होगी जरूरी

दान और वक्फ बनाने में अंतर

उन्होनें कहा था कि कोई हिंदू भी वक्फ के लिए दान दे सकता है, लेकिन वक्फ बनाने की प्रक्रिया अलग है. जिसमें पांच वर्षों की मुस्लिम प्रैक्टिश की शर्तें रखी गई है ताकि कोई गलत मंशा से वक्फ बनाकर दूसरों के अधिकार को न छीन सके. वही राज्य सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी ने कहा था कि वक्फ बाय यूजर इस्लाम का मुख्य प्रथा नहीं है. पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि जिन व्यक्तियों द्वारा यह जनहित याचिका दायर की गई है, उनमें से कोई प्रभावित पक्ष या व्यक्ति नही है.

उन्होंने कहा था कि सिर्फ कुछ लोग याचिका दाखिल करके पूरे मुस्लिम समुदाय का प्रतिनिधि नहीं बन सकते हैं. वो यह नहीं कह सकते कि जिन चीजों से उन्हें दिक्कत है, पूरा मुस्लिम समुदाय भी वही सोचता है. संसद के पास विधायी क्षमता है या नहीं यह सवाल ही नही है. यही एक मात्र आधार था जिसपर पहले किसी कानून पर रोक लगाई गई थी. सीजेआई बीआर गवई ने कहा था कि इनकी आपत्ति यह है कि इस मामले में सरकार अपना ही दावेदारी का निर्णय खुद करेगी.

कानून पर हुई व्यापक चर्चा

उन्होंने कोर्ट को यह भी बताया था कि इस कानून को लेकर 97 लाख से अधिक लोगों से सुझाव प्राप्त हुए, और जेपीसी की 36 बैठकें हुई जिनमें इन संशोधन पर विस्तार से चर्चा हुई. इसके अलावे 25 वक्फ बोर्डों से राय ली गई, राज्यों से भी सलाह-मशविरा किया गया. कानून में संशोधन से पहले हर पहलुओं पर विचार विमर्श किया गया. एसजी ने यह भी कहा था कि कोई भी व्यक्ति सरकारी जमीन पर अधिकार का दावा नही कर सकता है. सरकार ने यह साफ कर दिया है कि उसे वक्फ बाय यूजर के नाम पर वक्फ घोषित की गई सरकारी सम्पत्तियों का वापस कब्जा पाने का कानूनी अधिकार है.

-भारत एक्सप्रेस 

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

प्रसिद्ध कृष्णा हुए बाहर, आकिब नबी ने मारी एंट्री…! न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया के ऐलान में क्या है खास?

न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा चोट के कारण बाहर…

9 minutes ago

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ पर सरदार पटेल को अर्पित की पुष्पांजलि, 400 करोड़ रुपए से अधिक की योजनाओं का शुभारंभ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर गुजरात के…

13 minutes ago

दीपोत्सव से पहले स्वच्छ हुई रामनगरी, राम की पैड़ी पर हजारों लोगों ने चलाया सफाई अभियान

Ayodhya Deepotsav 2026: अयोध्या में 7 नवंबर को होने वाले 10वें दीपोत्सव से पहले नगर…

14 minutes ago

पंजाब चुनाव को लेकर AAP का बड़ा ऐलान, पहली उम्मीदवार सूची जारी; धूरी से ही चुनाव लड़ेंगे CM भगवंत मान

आम आदमी पार्टी ने पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर…

27 minutes ago

सरदार पटेल की बेटी नहीं, अपनी अलग पहचान रखने वाली सेनानी थीं मणिबेन पटेल; जानिए उनके संघर्ष और देशसेवा की अनसुनी कहानी

मणिबेन पटेल की कहानी सिर्फ सरदार वल्लभभाई पटेल की बेटी होने तक सीमित नहीं है.…

41 minutes ago