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Tawang Face Off: मीडिया में खबर नहीं चलती तो तवांग झड़प पर सरकार खामोश ही बैठी रहती- ओवैसी का निशाना

Tawang Face Off: तवांग झड़प पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री राजनीतिक नेतृत्व के मामले में नाकाम साबित हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि 9 तारीख को ये झड़प होती है और आप (केंद्र सरकार) संसद में आज बताते हैं. अगर मीडिया इस पर बात नहीं करती तो फिर आप तो खामोश बैठ जाते.

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि ये सब सरकार की नाकामी है. एआईएमआईएम चीफ ने कहा, “आप हम सभी को उस जगह पर लेकर जाइए। देश के प्रधानमंत्री चीन का नाम लेने से डरते हैं। व्यापार असंतुलन के बाद भी हमारी सेना मार खा रही है, चीन हमारी जमीन में घुसता है.” वहीं, कांग्रेस पार्टी ने भी तवांग मामले पर सरकार पर निशाना साधा.

रक्षा मंत्री चर्चा के लिए तैयार नहीं थे- खड़गे

कांग्रेस अध्यक्ष कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “उन्होंने (रक्षा मंत्री) अपना बयान पढ़ा और बाहर चले गए. वे किसी स्पष्टीकरण या चर्चा के लिए तैयार नहीं थे.” वहीं, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि इस बात में कोई शक नहीं है कि तवांग पर चीन की नजरें हैं और हमें बहुत सावधान रहने की जरूरत है. इस विषय पर हर पार्टी, हर व्यक्ति हमारी सेना के साथ है. उन्होंने कहा कि कल जो भी हुआ वो हमारी तरफ से एक संदेश है कि हम हमारे प्रादेशिक अखंडता और संप्रभुता के लिए हमारे बीच एकता है.

इसके पहले तवांग में चीनी सैनिकों के साथ भारतीय सेना के जवानों की झड़प के मामले पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में बयान दिया. राजनाथ सिंह ने कहा, “मैं सदन को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हमारी सेनाएं हमारी भौमिक अखंडता को सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और इसके खिलाफ किसी भी प्रयास को रोकने के लिए सदैव तत्पर हैं. मुझे विश्वास है कि यह सदन हमारी सेनाओं की वीरता और साहस को एक स्वर से समर्थन देगा.”

ये भी पढ़ें: Tawang Face off: भारतीय सेना ने चीन की कोशिशों को नाकाम किया, हमारा कोई सैनिक गंभीर रूप से घायल नहीं- तवांग झड़प पर बोले राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह ने कहा- हमारा कोई सैनिक शहीद नहीं हुआ

राजनाथ सिंह ने कहा, “मैं इस सदन को यह बताना चाहता हूं कि हमारे किसी भी सैनिक की मृत्यु नहीं हुई है और न ही कोई गंभीर रूप से घायल हुआ है. भारतीय सैन्य कमांडरों के समय पर हस्तक्षेप के कारण PLA सैनिक अपने स्थानों पर वापस चले गए. इस घटना के पश्चात क्षेत्र के स्थानीय कमांडर ने 11 दिसंबर 2022 को अपने चीनी समकक्ष के साथ स्थापित व्यवस्था के तहत एक फ्लैग मीटिंग की और इस घटना पर चर्चा की.”

कमल तिवारी

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