देश

तमिलनाडु में विजय का समय शुरू: सिनेमा से सत्ता तक एक नया अध्याय

Thalapathy Vijay CM Oath: थलपति विजय आज नेहरू स्टेडियम में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले रहे हैं. उनकी पार्टी तमिलागा वेट्ट्री कझगम (TVK) ने विधानसभा चुनावों में डेब्यू करते हुए 108 सीटें हासिल कीं और कांग्रेस, VCK, लेफ्ट पार्टियों तथा अन्य सहयोगियों के समर्थन से बहुमत हासिल कर लिया. ये क्षण भारतीय राजनीति का एक महत्वपूर्ण शिफ्ट मोमेंट है. 1967 से चली आ रही ड्राविडियन द्वंद्व (DMK-AIADMK) को तोड़ते हुए एक नए चेहरे का उदय.

पुरानी व्यवस्था का अंत, नई उम्मीद की शुरुआत

लगभग छह दशकों तक तमिलनाडु की राजनीति DMK और AIADMK के बीच सिमटी रही. इस बार दोनों पार्टियां क्रमशः करीब 59 और 47 सीटों पर सिमट गईं. MK स्टालिन अपनी सीट भी हार गए. इस बदलाव के पीछे कई कारण हैं:

युवाओं और Gen Z का ज्वार: सबसे खास बात ये है कि विजय बिना बड़े रैली-रोड शो के, मुख्य रूप से सोशल मीडिया, फैन आर्मी और डिजिटल कैंपेनिंग के दम पर युवा वोटर्स को आकर्षित करने में सफल रहे. ये देश की पहली ऐसी सरकार है जो Gen Z की मजबूत भागीदारी से बनी है.

एंटी-इनकंबेंसी और बदलाव की लहर: DMK सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार, युवा बेरोजगारी और सुशासन की कमी के मुद्दे उभरे. लोगों ने ‘नया चेहरा, नई राजनीति’ के नारे को अपनाया.

सिनेमा का जादू: MGR, NTR और जयललिता की परंपरा में विजय नया नाम हैं, लेकिन उन्होंने इसे अगले स्तर पर ले जाकर संगठन या परिवारवाद पर निर्भर हुए बिना सफलता हासिल की.

अग्निपथ की चुनौती

विजय का ये सफर ‘अग्निपथ’ साबित होने वाला है. गठबंधन सरकार में स्थिरता बनाए रखना, अनुभवी विपक्ष (DMK-AIADMK) से निपटना और वादों को जमीन पर उतारना आसान नहीं होगा. उनकी सफलता युवा रोजगार, शिक्षा, भ्रष्टाचार मुक्ति और औद्योगिक विकास पर निर्भर करेगी.

अगर ये प्रयोग सफल रहा तो पूरे देश में पारंपरिक राजनेताओं, परिवारवादी दलों और पुरानी राजनीतिक शैली के लिए बड़ी चुनौती खड़ी हो जाएगी. सिनेमा स्टार्स, युवा लीडर्स और डिजिटल पावर वाले नए चेहरों को रास्ता मिलेगा.

ऐतिहासिक मायने

ये सिर्फ एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि तमिलनाडु की राजनीति में युगांतकारी बदलाव है. थलपति विजय अब सिनेमा के हीरो से वास्तविक जीवन के लीडर बन चुके हैं. उनके समर्थकों में उत्साह चरम पर है, जबकि विपक्षी दलों में चिंता साफ दिख रही है.

खारिज करने से पहले इस बदलाव को समझना जरूरी है. ये फैन फॉलोइंग से ज्यादा, पुरानी व्यवस्था से थके लोगों की आवाज है. अगले पांच साल बताएंगे कि विजय सिर्फ करिश्मा पर टिके हैं या वास्तव में सुशासन दे पाते हैं.

तमिलनाडु में नया सूरज उगा है. देखना होगा कि ये कितना चमकदार और स्थायी साबित होता है.

ये भी पढ़ें:बंगाल में मुस्लिम युवक पर लाठीचार्ज, चुनावों के बाद वायरल हुआ वीडियो, जानें क्या है असल सच

-भारत एक्सप्रेस

विशाल तिवारी, संपादकीय सलाहकार

Recent Posts

आसमान में तैनात होगा भारत का स्वदेशी ‘जासूस’, DRDO ने HAPS एयरशिप का किया कामयाब ट्रायल

DRDO ने 21 किमी की ऊंचाई पर 'हाई एल्टीट्यूड प्लेटफॉर्म सिस्टम' (HAPS) का सफल परीक्षण…

6 minutes ago

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई पीएम केविन रुड बोले- वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति मजबूत, पीएम मोदी के हुए मुरीद

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व पीएम केविन रुड ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के मन में पीएम…

48 minutes ago

योगी सरकार का सोलर कमाल: 2,942 मेगावाट पहुंची रूफटॉप क्षमता, ‘PM सूर्य घर योजना’ में उत्तर प्रदेश नंबर-1

उत्तर प्रदेश में 'प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना' से 2,942 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर लग…

56 minutes ago

SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ INDIA ब्लॉक का हल्लाबोल, पुलिस ने राहुल गांधी को हिरासत में लिया

चुनाव आयोग के काम करने के तरीके और वोटर लिस्ट के स्पेशल गहन रिवीजन यानी…

1 hour ago

‘पाकिस्तानी हों या बांग्लादेशी, बख्शे नहीं जाएंगे’ अमित शाह की नीति का असर, घाटी से 150 अवैध विदेशी बाहर

गृह मंत्री अमित शाह की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत जम्मू-कश्मीर से 150 अवैध बांग्लादेशी…

2 hours ago