पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन और नई सरकार के गठन के बाद सोशल मीडिया पर सूचनाओं की बाढ़ सी आ गई है. जहां एक तरफ लोग नई कैबिनेट और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण की चर्चा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ वीडियो भी माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसा ही एक वीडियो इन दिनों फेसबुक और एक्स पर वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस एक मुस्लिम युवक पर लाठीचार्ज करती नजर आ रही है. दावा किया जा रहा है कि बंगाल में भाजपा की जीत के बाद अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है. लेकिन क्या वाकई ये वीडियो बंगाल का है? जब हमने इसकी गहराई से पड़ताल की, तो सच्चाई कुछ और ही निकली.
क्या है वायरल वीडियो का सच?
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा कि बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद आतंक शुरू हो गया है. वीडियो में दिख रहे विजुअल्स काफी परेशान करने वाले हैं, जिसे देखकर कोई भी भावुक हो सकता है.
जब इस वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल लेंस और रिवर्स इमेज सर्च के जरिए खंगाला गया. जांच में सामने आया कि ये वीडियो न तो बंगाल का है और न ही हालिया चुनाव नतीजों से इसका कोई लेना-देना है. दरअसल, ये वीडियो पड़ोसी देश बांग्लादेश का है और करीब तीन महीने पुराना है.
फरवरी 2026 की घटना
पड़ताल के दौरान हमें इंस्टाग्राम और फेसबुक पर यही वीडियो फरवरी 2026 के पहले हफ्ते के मिले. ये वो समय था जब बांग्लादेश की राजधानी ढाका में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन हो रहे थे. उस्मान हादी वही नेता थे जिन्होंने अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के खिलाफ हुए आंदोलन में बड़ी भूमिका निभाई थी.
6 और 8 फरवरी 2026 के बीच कई बांग्लादेशी न्यूज पोर्टल्स और यूट्यूब चैनलों ने इस घटना को कवर किया था. ढाका के शाहबाग इलाके में जब प्रदर्शनकारी उस्मान हादी के लिए इंसाफ मांग रहे थे, तब पुलिस और उनके बीच हिंसक झड़प हुई थी. वायरल वीडियो उसी पुलिसिया कार्रवाई का एक हिस्सा है.
भ्रामक पोस्ट से रहें सावधान
भले ही पश्चिम बंगाल में राजनीतिक समीकरण बदल गए हों और शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में नई सरकार ने कामकाज संभाल लिया हो, लेकिन इस तरह के पुराने और विदेशी वीडियो को स्थानीय संदर्भ में शेयर करना केवल समाज में डर और भ्रम फैलाने की कोशिश है.
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-भारत एक्सप्रेस
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